फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरवेश यादव हत्याकांड: आरोपी मनीष शर्मा की मौत के साथ दफन हो गए कई 'राज'

Sun, 23 Jun 2019 08:57 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
दरवेश यादव के साथ हत्यारोपी मनीष शर्मा (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की हत्या के आरोपी अधिवक्ता मनीष शर्मा की मौत के साथ ही कई राज भी दफन हो गए। पुलिस को हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब अब नहीं मिल पाएंगे। पुलिस के पास चश्मदीदों के बयानों के सिवाय कोई जानकारी नहीं है। मनीष को इतना गुस्सा क्यों आया? दरवेश की हत्या की मुख्य वजह क्या थी? जैसे तमाम सवालों के जवाब अब भी पुलिस ढूंढ रही है।
विज्ञापन

2 of 6
यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
यह घटना 12 जून को वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में हुई थी। यूपी बार काउंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव दीवानी में स्वागत समारोह के बाद चैंबर में बैठी थीं। इस दौरान मनीष शर्मा भी पहुंच गया था। मनीष के आने से पहले चैंबर में मैनपुरी का इंस्पेक्टर सतीश यादव मौजूद था। मगर, वो बाहर चला गया था। 
विज्ञापन

3 of 6
घटना के चश्मदीद इंस्पेक्टर सतीश यादव - फोटो : अमर उजाला
मनीष ने उसे जाते हुए देखा था। इसके बाद सवाल किया था कि सतीश यहां क्यों आया? इस पर दरवेश का मौसेरा भाई मनोज नाराज हुआ था। उसके इस तरह बात करने पर मनीष ने गुस्सा दिखाया। इसके बाद पिस्टल तान दी थी। पांच गोलियां चलाईं। दरवेश की हत्या के बाद खुद भी गोली मार ली थी। पुलिस हत्याकांड के समय मौजूद नौ चश्मदीदों में से आठ के बयान दर्ज कर चुकी है। दरवेश की भतीजी कंचन यादव का बयान बचा है। वो दो दिन बाद शांति पाठ के बाद बयान दर्ज कराने आएंगी। 

4 of 6
दरवेश यादव के साथ हत्यारोपी मनोज (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने चश्मदीदों से ही यही सवाल किया कि मनीष को इतना गुस्सा क्यों आया कि उसने हत्याकांड को अंजाम दे डाला। चश्मदीदों ने लगभग एक जैसा ही बयान दिया है। मनीष शर्मा के बयान के लिए भी पुलिस तैयारी में लगी थी। मगर, उसकी मौत के साथ सारे राज दफन हो गए। आखिर मनीष ने दरवेश की हत्या क्यों की? यह सवाल ही बना रह गया।
विज्ञापन

5 of 6
दरवेश यादव (फाइल) - फोटो : Facebook
हत्या के मामले में दरवेश सिंह यादव के भाई पंजाब सिंह यादव के बेटे सनी यादव ने थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें तीन लोगों को नामजद किया। इसमें एक अधिवक्ता मनीष शर्मा था। उस पर दरवेश को गोली मारे जाने और साजिश का आरोपी बनाया गया। वहीं उसकी पत्नी वंदना पर फोन पर धमकी देने का आरोप लगाया गया। तीसरा आरोपी विनीत गुलेचा है। वो मनीष को स्कूटर पर बैठाकर लाए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
हत्याकांड से कुछ समय पहले की तस्वीर में दरवेश यादव और लाल घेरे में हत्यारोपी मनीष - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों की माने तो वंदना और विनीत गुलेचा के खिलाफ किसी तरह का साक्ष्य पुलिस जुटा नहीं सकी है। हत्याकांड में उनकी संलिप्तता की अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं गोली मारने के आरोपी मनीष शर्मा की मौत हो गई। वही बता सकता था कि उसने हत्या क्यों की? मगर, उसकी मौत से पुलिस के सामने अब केस की फाइल बंद करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें