फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंक डकैती: 'ऑल ओके' कोड वर्ड मिलते ही लुटेरों ने डाला था 57 लाख का डाका, जानें किसने रची साजिश

Tue, 22 Dec 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 7
आगरा बैंक डकैती कांड - फोटो : अमर उजाला
आगरा के सदर क्षेत्र के रोहता स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में 15 दिसंबर को करीब 57 लाख रुपये की डकैती बैंक के अस्थायी कर्मचारी पुनीत ने डलवाई थी। पुनीत और दो बदमाशों को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि ऑल ओके कोड वर्ड मिलने के बाद बदमाश बैंक में दाखिल हुए थे और 15 मिनट में डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे एक बदमाश को जेल में बंद कैदी ने पहचान लिया। इसके आधार पर पुलिस डकैती कांड के खुलासे के करीब पहुंच गई है। 
विज्ञापन

2 of 7
आगरा बैंक डकैती कांड : सीसीटीवी फुटेज में दिखे लुटेरे - फोटो : अमर उजाला
डकैती कांड में शामिल रहे पांच बदमाशों में से चार खंदारी के रहने वाले हैं। ये चार बदमाश ठाकुरदास, बंटी, रंजीत और सनी हैं। घटना के बाद भागते बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल गए थे। जेल में बंद अपराधियों को इन्हें दिखाया गया। एक को पहचान लिया गया। यह खंदारी निवासी ठाकुरदास है। वह घर पर नहीं मिला तो उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। इसमें बैंक के कर्मचारी पुनीत से उसकी बातचीत का पता चला। इसके बाद पुलिस ने पुनीत से सख्ती से पूछताछ की तो रविवार को उसने डकैती डालने का राज खोल दिया।
विज्ञापन

3 of 7
आगरा बैंक डकैती कांड : आरोपी पुनीत - फोटो : अमर उजाला
हिरासत में लिए गए कर्मचारी पुनीत ने पूछताछ में बताया कि डकैती की साजिश कई दिन पहले रची गई थी। 15 दिसंबर को दोपहर में जब 42 लाख रुपये एक ही शख्स ने जमा कराए तो उसे लगा कि अब मौका चूकना नहीं चाहिए। उसने बदमाशों से कह दिया था कि चार बजे से पहले आ जाएं। बैंक का चैनल गेट बंद होने पर वह चाय के लिए निकला। बदमाश बाहर खड़े थे। उसने उनसे कहा कि 'ऑल ओके'...। बदमाश समझ गए कि रास्ता साफ है।

4 of 7
बैंक के बाहर खड़े पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को घटना के बाद से ही पुनीत पर शक था। वह रो-रोकर बता रहा था कि बदमाशों ने उसे बहुत पीटा जबकि शरीर पर पिटाई के निशान नहीं थे। उससे लगातार पूछताछ चल रही थी लेकिन वह राज नहीं उगल रहा था। उसे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी दिखाई लेकिन उसने साफ कह दिया कि वह इनमें से किसी को नहीं जानता है। 
विज्ञापन

5 of 7
आगरा बैंक डकैती कांड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों ने बताया कि खेरिया मोड़ से जगनेर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार दो बदमाश नजर आए। एक का चेहरा कुछ साफ नजर आ रहा था। इसकी पहचान खंदारी निवासी सनी जाटव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके बारे में पड़ताल की। उसका मोबाइल नंबर मिल गया। इस पर उसकी कॉल डिटेल चेक की। इसमें पुलिस को खंदारी निवासी ठाकुरदास का नंबर मिला। ठाकुरदास बैंक कर्मचारी पुनीत का दोस्त निकला। पुनीत के मोबाइल में उसका नंबर मिला।  पुनीत और ठाकुरदास में बातचीत होती है। इस पर पुनीत से सख्ती से पूछताछ की गई।
विज्ञापन

6 of 7
आगरा बैंक डकैती कांड: घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने ठाकुरदास से हुई बातचीत के बारे में पुनीत को बताया तो उसने इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने उसके सामने कॉल डिटेल रख दी। बताया कि कब-कब कितनी कितनी बात हुई है। सख्ती से पूछताछ करने पर वह सच बताने लगा। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि बैंक डकैती के मामले में अहम सुराग मिले हैं। बैंक के कर्मचारी से पूछताछ की गई है। कुछ और लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
बैंक मैनेजर से जानकारी लेते एडीजी अजय आनंद (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
बैंक डकैती का खुलासा न होने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज थे। उन्होंने आला अफसरों को फटकार लगाई थी। इसके बाद पुलिस ने खुलासे की कोशिश तेज की। शनिवार को दिनभर दबिश दी गईं। रविवार को भी 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। कर्मचारी पुनीत से पूछताछ में सख्ती दिखाई। इसके बाद यह नतीजा निकला।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें