आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) की जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के मामले में पुलिस को आरोपी डॉ. विवेक तिवारी के खिलाफ 10 गवाह मिले हैं। 40 दिन में जांच पूरी कर उसके खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर लिया गया है। जांच में पाया गया है कि डॉ. योगिता विवेक तिवारी पर शादी के लिए दबाव बना रही थीं। विवेक मना कर रहा था। इसी बात पर झगड़ा हुआ था, जिसमें विवेक ने योगिता की गोली मारकर हत्या कर दी। शव को डौकी क्षेत्र में फेंक दिया था।
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डॉ योगिता गौतम मर्डर केस
- फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारी सीओ चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि हत्याकांड के पीछे शादी की बात ही निकलकर सामने आई है। उरई में सरकारी अस्पताल में मेडिकल अफसर डॉ. विवेक योगिता से मिलने आया था। शादी की बात पर ही झगड़ा हुआ। यही आरोपपत्र में भी हत्या कारण दिया गया है।
विवेक कहता था कि पहले बहन की शादी करेगा। इसके बाद अपनी। वह इसकी वजह यह बताता था कि योगिता अनुसूचित जाती से थी। वह सवर्ण जाति से है। वह कहता था कि अगर उसने पहले शादी की तो बहन की शादी में परेशानी आएगी।
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डॉ योगिता गौतम मर्डर केस
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योगिता को लगता था कि विवेक धोखा दे रहा है। इसी कारण दोनों में संबंध बिगड़ गए थे। पुलिस को इस मामले में दस गवाह मिले हैं। योगिता
को घर से ले जाने, शव को फेंके जाने और फिर उरई जाने तक उसे कई लोगों ने देखा था। इनमें से ही गवाह मिले हैं।
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डॉ योगिता गौतम मर्डर केस
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फोरेंसिक रिपोर्ट आने पर दाखिल होगा आरोपपत्र
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि अभी विधि विज्ञान प्रयोशाला की रिपोर्ट आना बाकी है। बाद में इसे भी आरोपपत्र में शामिल कर लिया जाएगा। जल्द ही आरोपपत्र को कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।
डॉ योगिता गौतम मर्डर केस: योगिता गौतम की फाइल फोटो
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18 अगस्त को की गई थी हत्या
दिल्ली की रहने वाली योगिता गौतम की हत्या आगरा में 18 अगस्त को की गई थी। कानपुर नगर स्थित किदवई नगर निवासी विवेक तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। विवेक योगिता को लेडी लॉयल अस्पताल के सामने स्थित उसके किराए के घर से ले गया था। दोनों का कार में झगड़ा हुआ। विवेक ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से डॉ. योगिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शव को थाना डौकी स्थित बमरोली गांव में फेंककर चला गया। वह जेल में बंद है।