आगरा सदर के राजपुर चुंगी में दस्तावेज लेखक एवं प्रॉपर्टी डीलर हरेश पचौरी की हत्या के पीछे जमीन की खरीद फरोख्त में वर्चस्व की जंग होने की बात सामने आई है। जेल में बंद अपराधी के गुर्गों ने सुपारी लेकर हत्या की है। हालांकि शूटर और नामजद आरोपी बीपी अब तक हाथ नहीं आ सके हैं। दूसरे नामजद आरोपी विष्णु रावत से पूछताछ में पुलिस को सुराग मिला है।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
राजेश्वर मंदिर के बराबर में रहने वाले दस्तावेज लेखक एवं प्रॉपर्टी डीलर हरेश पचौरी की 19 दिसंबर को राजपुर चुंगी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था।
घटना के सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा था कि एक शूटर ने पूरी घटना को अंजाम दिया। दूसरा बाइक चला रहा था। परिजनों ने विष्णु रावत और भानु प्रताप मुद्गल उर्फ बीपी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें चार अज्ञात लोग भी शामिल हैं।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विष्णु कुछ दिन पहले धोखाधड़ी के मामले में जेल गया था। इस पर और छानबीन की गई। विष्णु और बीपी जमीनों की खरीद भी करते हैं। मगर, हरेश पचौरी की वजह से जमीनों का धंधा चल नहीं पा रहा था। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हरेश पचौरी की हत्या जमीनों के वर्चस्व में कराई गई है। फिलहाल कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाया जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
धंधा मंदा पड़ा तो जान ले ली
विष्णु ने बताया कि उसका और बीपी का धंधा चल नहीं पा रहा था। वे जिस जमीन का सौदा करते, उसमें हरेश टांग अड़ा देता। इसलिए उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। एक जमीन को लेकर बीपी से हरेश का विवाद भी था।