आगरा जिले में शुक्रवार को 26 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ। इन केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। इसके लिए सुबह नौ बजे से टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि शहर और देहात में 26 केंद्र बनाए गए। इस बार जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइक्रोबैक्टीरियल रोग संस्थान को भी केंद्र बनाया गया।
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एसएन में पूर्व प्राचार्य डॉ अजय अग्रवाल ने भी टीका लगवाया
- फोटो : अमर उजाला
सीएमओ डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि टीकाकरण शुक्रवार को सुबह नौ बजे से शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान शहर और देहात के कुल 26 केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। एसएन मेडिकल कॉलेज में चार केंद्र बनाए गए। कुछ और केंद्रों पर दो सत्र में वैक्सीन लगाई लगई।
प्रबंध कोवाक्सिन की 448 डोज मिलीं
सीएमओ के मुताबिक जिले को कोविशील्ड के अलावा कोवाक्सिन की भी 448 डोज मिली हैं। कोवाक्सिन जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान में लगाई गई। जिले में कोविशील्ड की 26280 डोज मिली थीं। अभी तक 361 डोज लग चुकी हैं।
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स्वास्थ्यकर्मी को टीका लगाती नर्स
- फोटो : अमर उजाला
16 जनवरी को टीका लगवाने वालों को कोई परेशानी नहीं
सीएमओ डॉ. आरसी. पांडेय का कहना है कि 16 जनवरी को कोरोना का टीका लगवाने वालों को कोई परेशानी नहीं हुई है। एसएन मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग एवं वक्ष विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष का कहना है कि उन्होंने भी टीका लगवाया था। इसके बाद पूरे दिन विभाग में काम किया और छात्रों की कक्षा ली। यह प्रक्रिया जारी है। उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई, बस टीका लगने वाली जगह पर हल्का दर्द हुआ, जो स्वाभाविक है।
आगरा में कोरोना टीकाकरण (पहले चरण की तस्वीरें)
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सीपी वर्मा ने भी टीका लगवाया था, उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई है, बस हल्का बुखार आया था। बता दें कि पहले चरण में 600 स्वास्थ्यकर्मियों में से सिर्फ 361 को टीका लगा था। छूटे कर्मचारियों को दूसरे चरण में कोरोना वैक्सीन लगाई गई। इसके लिए पहले ही इनके मोबाइल पर मैसेज भेज दिए गए थे।