डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में कोरोना से बचाव के न इंतजाम नजर आए और न ही लोगों में जागरूकता। विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में न मास्क पहने कर्मचारी दिखे और न ही सैनिटाइजर। दो गज की दूरी का पालन न कर्मचारी करते दिखे और न ही छात्र। न केवल पालीवाल पार्क कैंपस, बल्कि खंदारी कैंपस के संस्थानों में भी कोरोना को लेकर लापरवाही नजर आई। अमर उजाला की टीम ने आंबेडकर विवि के अलावा उन सरकारी दफ्तरों में कोविड प्रोटोकाल का जायजा लिया, जहां अधिकारी, कर्मचारी संक्रमण का शिकार हो चुके हैं।
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कलक्ट्रेट परिसर में बिना जांच के प्रवेश करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
स्थान: कलक्ट्रेट, समय: 12.30 बजे
एडीएम भूमि अध्यप्ति कार्यालय के सामने अधिवक्ताओं के चैंबर में झुंड में बुजुर्ग बैठे हैं। मुंह पर मास्क है, न एक दूसरे से उचित दूरी। दस कदम पर एनआईसी व कलक्ट्रेट सभागार है। डीएम हर दिन यहां से गुजरते हैं। संयुक्त कार्यालय के बाहर सीढ़ियों पर बैठे हुए लोगों ने भी मास्क नहीं पहना है।
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नगर निगम में बिना थर्मल स्क्रीनिंग प्रवेश करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम परिसर, दोपहर 2 बजे
नगर निगम में कोरोना संक्रमण से एक लिपिक की मौत के साथ अपर नगर आयुक्त केबी सिंह समेत चार अधिकारी संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, लेकिन गेट पर न थर्मल स्क्रीनिंग हो रही और न ही सैनिटाइजर डिस्पेंसर काम कर रहा। निगम में जन्म मृत्यु पंजीकरण, टैक्स जमा करने वाले, सड़क, नाली, खरंजा, सफाई की शिकायत करने वालों की संख्या ज्यादा है, लेकिन सबसे ज्यादा लापरवाही यहीं बरती जा रही है।
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विकास भवन में पास पास बैठे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
स्थान: सदर तहसील, समय: 1.00 बजे
एसडीएम कक्ष के बाहर कुर्सियों पर चिपक कर बुजुर्ग, महिलाएं व सात-आठ लोग बैठे हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर कोविड हेल्प डेस्क है, लेकिन थर्मल स्क्रीनिंग, विजटर रजिस्टर नहीं। तहसील परिसर में संक्रमण से बचाव के इंतजाम नदारद हैं। कर्मियों ने बताया कि तहसीलदार व अन्य राजस्व अधिकारी क्षेत्र में निकले हुए हैं।
मास्क नहीं पहनने पर होगा जुर्माना
लोगों को बहुत जागरूक किया जा रहा है। अब उन्हें स्वयं भी अपने लिए सोचना चाहिए। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ। मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना होगा। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी