आगरा में कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए महिला चिकित्सक के रूप में 'अष्ट शक्ति' जुटी हुई हैं। ये महिला चिकित्सक दूसरों की अच्छी सेहत के लिए बिना दिन-रात देखे काम कर रही हैं। उनका साथ देने के लिए स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगे हुए हैं। सभी को भरोसा है कि इनकी शक्ति के आगे कोरोना वायरस भी मात खाएगा। जानिए कोरोना से जंग में कैसी है इन सेहत के प्रहरियों की दिनचर्या...
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अंजना पांडे
- फोटो : अमर उजाला
पति के भरोसे बच्चे, अस्पताल बना दूसरा घर: डॉ. अंजना पांडे
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के मेडिसिन विभाग की वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अंजना पांडे कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटी हुई हैं। इनका कहना है कि बीते डेढ़ महीने में कार्य दुगना हो गया है। घर पहुंचने के बाद फोन आने पर रात में ही अस्पताल आना पड़ता है। हालत यह है कि अस्पताल दूसरा घर बन गया है। पति चिकित्सक हैं, वो समझते हैं, लेकिन बच्चे छोटे हैं और वो मिस करते हैं। उनको जैसे-तैसे घर छोड़कर आती हैं। परिवार के साथ मरीजों की भी चिंता लगी रहती है।
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डॉ. स्निग्धा सेन
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मरीजों की देखरेख में बीतता दिन, घर कब पहुंचेंगे पता नहीं: डॉ. स्निग्धा सेन
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ डॉ. स्निग्धा सेन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज और संदिग्धों की देखरेख के साथ चिकित्सकीय इंतजाम देख रही हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के मरीज और संदिग्धों के इलाज, चिकित्सीय उपकरण, दवा मिली या नहीं, स्टॉक में मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट समेत तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना होता है। सभी बिंदुओं की रिपोर्ट जांचने और दुरुस्त कराने के बाद ही घर जाना
होता है। पति एयरफोर्स में हैं, बच्चे मिस करते हैं।
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स्टाफ नर्स नीलोफर
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कोरोना के मरीजों की ज्यादा मन से कर रहीं सेवा: निलोफर
एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशलन वार्ड में सेवा दे रहीं स्टाफ नर्स निलोफर बताती हैं कि अभी तक सामान्य मरीजों की सेवा में ही ड्यूटी थी। अब पहली बार कोरोना वायरस के मरीजों की देखरेख कर रही हूं। वायरस से डर लगता है, लेकिन पीपीई किट पहनकर उनकी सेवा मन से कर रही हैं। दवा से लेकर ब्लडप्रेशर जांच समेत अन्य कार्य करने होते हैं। परिजन चिंतित होते हैं, लेकिन कोरोना वायरस जैसी महामारी को देखकर अपना ख्याल रखने की कहते हुए बेहतर करने को प्रेरित करते हैं।
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सुपरवाइजर पुष्पा देवी
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12-14 घंटे तक भागदौड़, मरीजों के आभार से मिट जाती थकान: पुष्पा देवी
एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड और इमरजेंसी सेवा में लगी सुपरवाइजर पुष्पा देवी का काम वार्ड और इमरजेंसी में चिकित्सकीय सुविधाओं को दुरुस्त करना रहता है। उन्होंने बताया कि वार्ड की बेहतर सफाई हुई या नहीं, ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचे या नहीं। किसी मरीज को चादर या फिर खाने की सामान मिला या नहीं, इन तमाम कामों के लिए पूरे दिन भागदौड़ करती हैं। कोरोना के चलते 12-14 घंटे कार्य करना पड़ रहा है, लेकिन जब मरीज धन्यवाद कहता है तो पूरी थकान मिट जाती है।
मरीजों की जांच, नमूनों की रिपोर्ट में बीत रहा दिन-रात: डॉ. आरती अग्रवाल
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस के मरीज और संदिग्धों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में इनकी जांच, नमूने की रिपोर्ट समेत अन्य कामकाज में दिन-रात गुजर जाता है। कभी-कभी तो अस्पताल में ही रात के दो-तीन बज जाते हैं। बच्चे घर पर मेरा इंतजार करते-करते सो जाते हैं। परिवार के साथ रहने का समय तक नहीं है। सुबह जब घर से निकलती हूं तो फिर कितने बजे लौटूंगी कोई पता नहीं है।
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स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग
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कोरोना वायरस से निपटने की व्यवस्था में खाने तक का वक्त नहीं: डॉ. रुचिका गर्ग
एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग गायनी सेंटर में बने क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था देख रही हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इसमें दिन-रात लगे हुए हैं। थकान होती है, लेकिन कोरोना वायरस जैसी महामारी को देखते हुए सब भूल जाते हैं। व्यस्तता इतनी है कि खाने-पीने तक का समय बिगड़ गया है। घर पर परिजन चिंतित रहते हैं। बच्चों से बात तक नहीं हो पाती है।
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स्त्री रोग विभाग की डॉ. निधि गुप्ता
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गर्भवती महिलाओं का इलाज और क्वारंटीन सेंटर दोनों का जिम्मा: डॉ. निधि गुप्ता
एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की डॉ. निधि गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस की तैयारियों में डॉक्टरों की टीम लगी हुई है। क्वारंटीन सेंटर तैयार करने का जिम्मा मिला तो आगे बढ़कर संभाला। गर्भवती महिलाओं का प्रसव, इलाज और देखभाल का भी काम देख रहे हैं। घर जाने तक का समय तय नहीं है। परिजन चिंतित रहते हैं, लेकिन जिम्मेदारी समझते हुए कोई कोताही नहीं बरत रहे। दोगुना कार्य होने पर भी हालातों को देखकर पूरे जोश से काम कर रहे हैं।
लोगों के भरोसे से बढ़ जाता है कार्य करने का हौसला: डॉ. रचना गुप्ता
स्वास्थ्य विभाग के संक्रामक रोग की प्रभारी डॉ. रचना गुप्ता कोरोना वायरस से जंग लड़ने में अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के चलते कार्य तीन गुना तक बढ़ गया है। पूरे जिले की खबर लेनी पड़ रही है। सूचना मिलने पर टीम पहुंचती है और उनकी चिकित्सकीय जांच करते हैं। स्वास्थ्य सर्वे समेत पूरे दिन की पूरी रिपोर्ट तैयार करके शासन तक भेजनी होती है। लोगों के भरोसे को देखकर हौसला और बढ़ जाता है।