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ग्राउंड रिपोर्ट: पहले जमाती...फिर अस्पतालों से फैला कोरोना, आगरा में संक्रमण की रफ्तार 27 गुना तेज

Wed, 15 Apr 2020 12:26 AM IST
मुकेश कुमार चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा

सार

अप्रैल के शुरुआती 13 दिनों में 130 कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि तीन संक्रमितों की मौत हो गई है। 
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आगरा में कोरोना वायरस - फोटो : social media
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विस्तार
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ताजनगरी में तीन मार्च को इटली से लौटे जूता कारोबारी के परिवार के साथ आए कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार अप्रैल में 27 गुना तेज हो गई। सोमवार को ही 39 नए मरीज मिले। मार्च में 12 केस थे, जबकि अप्रैल के 13 दिनों में ही 130 संक्रमित मिले हैं। शहर के 25 इलाकों में फैलने के बाद देहात के सीकरी, बाह, सैंया, खंदौली में संक्रमण जा पहुंचा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमित 142 आगरा में मिल चुके हैं।

 

इस आंकड़े में प्रशासन ने आगरा के चिकित्सक पिता-पुत्र को शामिल नहीं किया है। इन दोनों का इलाज गुरुग्राम के अस्तपाल में चल रहा है। इन्हें मिलाकर जिले में 144 मरीज हैं। आगरा में तेजी से संक्रमण फैलने की दो वजह सामने आई हैं। पहली, जमाती जिनमें 61 संक्रमित मिल चुके हैं। दूसरी, अस्पताल जिनसे 40 लोग संक्रमित हो गए। 

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अप्रैल के शुरुआती 13 दिनों में तीन संक्रमित महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। सोमवार को फर्रुखाबाद की 45 वर्षीय महिला की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। रात साढ़े 10 बजे उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वो भगवान टॉकीज स्थित पारस अस्पताल में भर्ती थी। इसी अस्पताल में रविवार को शिकोहाबाद की 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। सोमवार को उसकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पहले आगरा के कमलानगर निवासी 76 वृद्धा की जान जा चुकी है। 

ऐसे बढ़ी संक्रमण की रफ्तार 

पारस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
मार्च के 31 दिनों में 12 केस मिले। लगभग तीन दिन में एक मरीज मिलने का औसत था। अप्रैल में यह बढ़कर 13 दिनों में 132 हो गया। यानी प्रति दिन का औसत 10.15 मरीज हो गया। 10.15 को .38 से भाग देने पर 26.71 आता है। इस तरह मार्च के मुकाबले अप्रैल में संक्रमण की रफ्तार लगभग 27 गुना तेज हो गई। 

भगवान टॉकीज स्थित पारस अस्पताल में किडनी की बीमारी से पीड़ित मंटोला के ढोली खार की 65 वर्षीय महिला 15 मार्च से दो अप्रैल तक भर्ती रही। यहां से जब मथुरा के नयति अस्पताल पहुंची तो चार अप्रैल को संक्रमित मिली। पारस के स्टाफ और भर्ती मरीजों के सैंपल लिए जिनमें 28 पॉजिटिव मिले। नामनेर के एसआर हॉस्पिटल में चिकित्सक पिता-पुत्र सहित आठ संक्रमित मिले। घटिया आजम खां के प्रमोद मित्तल नर्सिंग होम से डॉक्टर सहित चार मिल चुके हैं।

28 जमाती 117 लोगों से मिले... 61 संक्रमित निकले

दिल्ली मरकज से आए 28 जमाती 13 मस्जिदों में ठहरे, 10 बस्तियों में गए। जिन लोगों से मिले, उनमें से 117 चिन्हित किए गए। सबके सैंपल हुए। 28 में से 19 जमाती संक्रमित मिले। उनके संपर्क में आए 39 लोग संक्रमित हुए। इस तरह जमाती और उनके संपर्क में आए संक्रमितों की संख्या 61 हो गई। इनके परिजनों और संपर्क में आए सभी लोगों को शेल्टर होम में क्वारंटीन (एकांतवास) में रखा गया है। 

मुंबई से लौटे गाइड के बेटे से 13 संक्रमित

फतेहपुर सीकरी में चार अप्रैल को मुंबई से लौटे गाइड के बेटे में संक्रमण मिला। पूरे परिवार के सैंपल लिए गए तो सोमवार को 13 और पॉजिटिव मिले। इनमें गाइड और उनके दो ड्राइवर भी हैं। ये लोग मुख्य बाजार के रहने वाले हैं। इलाका सील कर हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। अब इनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनकी संख्या 100 से ज्यादा है।
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अस्पतालों से फैला संक्रमण सबसे बड़ी चुनौती

आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि अस्पतालों से फैला संक्रमण सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। इतनी बड़ी संख्या में मामले होने की दूसरी वजह जमाती हैं। ये सभी क्वारंटीन में रखे जा चुके हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती उन अस्पतालों में आए मरीजों की जांच कराना है जो संक्रमित मिले अस्पतालों में भर्ती रहे। हमारा फोकस इसी पर है। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर मुकेश वत्स ने बताया कि संक्रमित अस्पतालों में भर्ती रहे मरीजों, स्टाफ और उनके परिजनों के सैंपल अनिवार्य रूप से लिए जा रहे हैं। ये जिन इलाकों से हैं, उन्हें हॅाटस्पॅाट घोषित कर सील किया गया, फिर वहां सभी के सैंपल लिए जा रहे हैं। हमारा फोकस सैंपलिंग और स्क्रीनिंग बढ़ाने पर है, जिससे मरीजों का पता चले और संक्रमण फैलने का खतरा कम से कम रहे।
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