करहल वह विधानसभा सीट है, जहां नेताजी मुलायम सिंह यादव ने पहले शिक्षा का ककहरा सीखा और फिर शिक्षण कार्य भी किया। इसी सीट से सपा प्रमुख और नेता विरोधी दल अखिलेश यादव विधायक भी हैं। चुनाव प्रचार से अब तक दूर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सपा के गढ़ में दम दिखाने के लिए पहली बार करहल में कदम रखा। उन्होंने परिवारवाद और वंशवाद पर सपा को घेरा तो वहीं नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मूलरूप से इटावा जिले के सैफई निवासी मुलायम सिंह यादव की शुरुआत शिक्षा करहल से ही हुई थी। करहल के अखाड़े में उन्होंने पहलवानी के दांव पेच सीखे और जैन इंटर कॉलेज में शिक्षण भी किया। मैनपुरी लोकसभा सीट का अभिन्न अंग करहल हमेशा ही मुलायम की जीत में अपनी अहम भूमिका निभाती रही। करहल सीट की महत्ता इस बात से भी पता चल जाती है कि जब अखिलेश यादव ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया, तो उन्होंने भी इसी सीट का चुना। वर्तमान में वे इसी सीट से विधायक हैं।