मथुरा में बच्चा चोरी गिरोह के खुलासे के बाद जीआरपी अब क्षेत्र से गायब हुए अन्य करीब 342 बच्चों की खोज में जुट गई है। हर बच्चे के बारे में जानकारी लेकर संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। कुछ बच्चों को उनके परिजन तक पहुंचने में जीआरपी को सफलता भी मिली है। एसपी जीआरपी ने खुद इन गायब बच्चों की खोज के लिए चलाए जा रहे अभियान की कमान संभाली है।
24 अगस्त को मथुरा जंक्शन से गायब हुए फरह निवासी महिला के बच्चे के गायब होने की वारदात का खुलासा कर जीआरपी ने अभी तक 9 लोगों को जेल भेजा है। इसके बाद उसने मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद तथा जीआरपी के अन्य थानों में गुमशुदा हुए 342 बच्चों की तलाश करना प्रारम्भ कर दिया है। यह बच्चे पुलिस व जीआरपी के प्रयास के बाद भी मिल नहीं सके थे। जीआरपी ने इन बच्चों का सभी रिकॉर्ड ले लिया है। एसपी मोहम्मद मुश्ताक द्वारा बनाई गई प्रत्येक टीम के पास इन बच्चों की फोटो तथा अन्य पहचान संबंधी जानकारियां मौजूद हैं। यह टीम उन सभी संभावित स्थानों पर जा रही है, जहां पर बच्चे मिल सकते हैं। इन स्थानों पर जाकर रिकॉर्ड के हिसाब से बच्चों को खोजने का प्रयास जीआरपी द्वारा किया जा रहा है।
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बच्चे को गोद में लिए एसपी जीआरपी
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के बाद मिले करीब 17 बच्चे
24 अगस्त को मथुरा जंक्शन से बच्चा चोरी की वारदात के बाद जीआरपी ने बच्चों के शेल्टर होम, जंक्शन तथा अन्य इस प्रकार के सार्वजनिक स्थानों पर जाकर बच्चों की तलाश की। इस तलाश के बाद उसे करीब दस बच्चों को खोजने में सफलता भी मिली है। इस सफलता से उत्साहित जीआरपी और तेजी से इस काम में जुट गई है।
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घटना का खुलासा करते एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक
- फोटो : अमर उजाला
जीआरपी ने बच्चा चोरी की वारदात के खुलासे में शुरूआत में आठ लोगों को जेल भेजा। जिसके बाद एएनएएम के पति को भी जेल भेजा। इस प्रकार से कुल 9 लोगों को ही जेल भेज सकी है। जबकि जिस प्रकार के शातिराना अंदाज से गिरोह ने बच्चा चोरी किया था, उससे गिरोह के केवल हाथरस ही नहीं अपितु अन्य जिलों में भी होने की आशंका है।
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बच्चा चोरी करके ले जाता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
जीआरपी अभी तक गिरोह से जुड़े हुए अन्य अभियुक्तों पर शिकंजा नहीं कस सकी है। एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि जीआरपी अभी गिरोह के अन्य चिन्हित लोगों का सत्यापन करने में जुटी है।