नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में बहुजन क्रांति पार्टी के आह्वान पर आयोजित भारत बंद का मुस्लिम बस्तियों व बाजारों में व्यापक असर रहा। समाज के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। पुलिस ने बिना अनुमति के निकाले जा रहे जुलूस को हल्के बल प्रयोग से रोक दिया। पुलिस ने संगठन के जिला प्रभारी को हिरासत में ले लिया। बंद को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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पुलिस ने जुलूस निकालने वालों से बैनर भी कब्जे में ले लिए
- फोटो : अमर उजाला
बंद के आह्वान को देखते हुए शहर के तहसील रोड, जामा मस्जिद, गप्पू चौराहा, ठंडी सड़क की दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। जबकि बिलराम गेट बाजार, गंदा नाला, नदरईगेट क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानों को बंद रखकर भारत बंद का समर्थन किया। जामा मस्जिद क्षेत्र में बहुजन क्रांति पार्टी से जुड़े लोग एकत्रित हो गए। हाथों में बैनर, पोस्टर के माध्यम से सीएए के विरोध में नारेबाजी की जाने लगी। इसकी भनक लगते ही पुलिस हरकत में आ गई।
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कासगंज का बाजार
- फोटो : अमर उजाला
अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस ने बिना अनुमति के निकाले जा रहे जुलूस को रोकने का प्रयास किया, जब जुलूस नहीं रुका तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। लाठियां फटकारीं, जिससे लोग अपने हाथों में लिए बैनर पोस्टर आदि फेंककर भाग गए।
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विरोध करने वाले लेकर आए ऐसे स्लोगन लिखी तख्तियां
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जुलूस का नेतृत्व कर रहे मिर्जापुर से पहुंचे संगठन के जिला प्रभारी बाल किशन को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जुलूस में शामिल अन्य लोगों की तलाश की, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी क्षेत्रों में तैनात किया गया।
पुलिस ने वीडियोग्राफी भी करवाई।
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता कानून का विरोध करने वालों लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने वीडियोग्राफी भी करवाई। मुस्लिम बस्तियों की गलियों में भी दुकानें नहीं खुली। हेयर कटिंग सेलून, प्रोविजन स्टोर, बीड़ी-गुटखा आदि की दुकानें भी बंद रहीं। ऐसे में लोगों को दिक्कतें भी हुई। बंद को सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। बंद के आह्वान संबंधी मैसेज भेजे गए। जिससे सीएए के विरोध करने वाले लोगों ने इन संदेशों को पढ़ने के बाद अपनी दुकानें नहीं खोली।