फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल के गोद लिए गांव बटेश्वर को सरकारी योजनाओं तक का लाभ नहीं मिल पाया। यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गांव है।
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बदहाल गांव
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों ने घोषणा की थी कि वाजपेयी के घर को संरक्षित किया जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि जर्जर हो रही इस इमारत की मरम्मत तक नहीं कराई जा सकी है।
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गांव की और भी इमारतों को संरक्षित किए जाने और संग्रहालय बनाए जाने की बातें हुईं, पर काम नहीं हो पाया। स्वतंत्रता आंदोलन के स्वर्णिम इतिहास को समेटे 25 क्रांतिकारियों का गांव है बटेश्वर, लेकिन सरकारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है।
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चौधरी बाबूलाल ने इसे गोद लिया तो गांव वालों को उम्मीद बंधी थी कि अब तो यह अफसरों की प्राथमिकता में आएगा, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
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हाल ये है कि गांव में खुले शौच मुक्त नहीं हो सका। यहां पढ़ाई का स्तर बहुत खराब है। विद्युतीकरण होने के बावजूद बिजली नहीं आती है। न अस्तपताल बना और न ही उज्ज्वला के तहत किसी को कनेक्शन मिला।
सांसद चौधरी बाबूलाल के पास हर सवाल का एक ही जवाब है कि अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। सपा सरकार के दौरान तो कोई काम ही नहीं हुआ। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद नये सिरे से प्रस्ताव दिए, सर्वे कराए, अब काम हो रहे हैं।