ताजमहल के दीदार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कालिंदी (यमुना) में कचरा और कालिख देखने को मिल सकती है। मुख्य गुंबद में शाहजहां मुमताज की कब्रें देखने के बाद ट्रंप जैसे ही यमुना किनारे आएंगे, ताज टैनरी के पास जमा सिल्ट और कचरा नजर आएगा, जो यमुना नदी पर धब्बे की तरह है।
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ताजमहल के पीछे यमुना में जमी सिल्ट
- फोटो : Amar Ujala
यमुना नदी में गंगाजल छोड़ने के बाद भी ताजमहल के पास गंदगी दूर नहीं होगी। जलकल विभाग के अफसरों के साथ पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता भी मानते हैं कि गोकुल बैराज में भरे सीवरेज में 950 क्यूसेक गंगाजल मिला देने से गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, वहीं जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स पर यमुना का जलस्तर 480.6 फुट है।
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मुना नदी के किनारे से हटाई जा रही सिल्ट
- फोटो : अमर उजाला
पर्यावरणविद का कहना है कि 950 क्यूसेक पानी आने पर ज्यादा से ज्यादा 6 इंच तक जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे यमुना में गिर रही गंदगी और काले पानी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कचरे के कारण यहां पक्षी मंडरा रहे हैं। करीब 140 ट्रॉली सिल्ट हटाने के बाद भी यहां 200 से ज्यादा ट्रॉली कचरा पड़ा हुआ है, जो ताज के गुंबद से सीधे दिख रहा है।
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सड़कों पर उफनता रहा सीवर (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
ताजगंज क्षेत्र में कोल्हाई में सीवेज पंपिंग स्टेशन है, लेकिन इसकी मशीनें खराब होने के कारण ताजगंज क्षेत्र का पूरा सीवर पूर्वी गेट नाले में पहुंच रहा है। इस नाले में दो एमएलडी पानी पहुंचता है, लेकिन कोल्हाई पंपिग स्टेशन खराब होने के कारण 3.5 से 4 एमएलडी पानी पहुंच रहा है। नाले किनारे घर और सामुदायिक शौचालय से सीवर सीधा इसी नाले में गिर रहा है। कोल्हाई-पूर्वी गेट नाले में सीवर पहुंचने के कारण ही यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दुर्गंध का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाराज होने के बाद नगर निगम ने दो दिन से तलीझाड़ सफाई कराने के लिए पोकलेन मशीनें नाले में उतारी, लेकिन दुर्गंध कम नहीं हुई। सेनेटरी इंस्पेक्टर और जेडएसओ ने नाले के किनारे जाकर जानकारी की तो पता चला कि सीवर के कारण दुर्गंध हैं। नगर निगम ने जल निगम और निजी कंपनी वबाग को नोटिस जारी किया है। निगम ने नोटिस में कहा है कि अगर बारिश के पानी के लिए बने ड्रेनेज सिस्टम में सीवर डाला गया तो एफआईआर कराई जाएगी।