मथुरा के सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर के बंद पट आम भक्तों के लिए खुलवाने संबंधी याचिकाएं स्वीकार कर ली गईं हैं। इन पर सुनवाई चार नवंबर को होगी। हालांकि न्यायालय ने मंदिर प्रबंधक के उस आदेश को निरस्त करने से इनकार कर दिया है, जिस पर मंदिर बंद कराया गया। इसके चलते श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट फिलहाल श्रद्धालु के लिए बंद रहेंगे।
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
19 अक्तूबर से श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट आम भक्तों के लिए दोबारा बंद कर दिए गए। इसे लेकर अधिवक्ता एमपी सिंह, राजेंद्र माहेश्वरी और हिमांशु गोस्वामी ने दो याचिकाओं के माध्यम से सोमवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में मंदिर प्रबंधक के आदेश को चुनौती दी थी।
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए मंदिर प्रबंधक के आदेश को तत्काल निरस्त करने संबंधी मांग खारिज कर दी। साथ ही मंदिर खुलवाने की मांग की सुनवाई के लिए चार नवंबर की तिथि तय की है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर खुलवाने को लेकर याचिका पर चार नवंबर को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि न्यायालय ने मंदिर प्रबंधक से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
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बांकेबिहारी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़ (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
श्रीबांकेबिहारी मंदिर खुलने के दौरान 17 अक्तूबर को हुई अव्यवस्था के संदर्भ में प्रबंधक मुनीश कुमार शर्मा ने रिपोर्ट न्यायालय को भेज दी है। इसमें उन्होंने अव्यवस्था के लिए मंदिर सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी को जिम्मेदार बताया है। कहा है कि सेवायत गोस्वामियों के प्रवेश की व्यवस्था गेट नंबर एक से है, जबकि वह गेट नंबर चार से अपने 20-25 यजमानों को प्रवेश कराने पर अड़े रहे।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्त (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सेवायत गोस्वामी ने उच्चाधिकारियों को यह अवगत कराया कि उन्हें सुरक्षा कर्मी प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं, जबकि उन्होंने अपने यजमानों की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी। इस पर जिलाधिकारी ने फोन से स्पष्टीकरण मांगा, तो संपूर्ण स्थिति से अवगत कराते हुए बताया गया कि सेवायत गोस्वामी गेट नंबर चार पर बैठ गए हैं।
बांकेबिहारी मंदिर के बाहर किया विरोध प्रदर्शन (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
चौकी इंचार्ज ने सेवायत गोस्वामी को छह यजमानों के साथ निकासी द्वार से मंदिर में प्रवेश कराया। वह करीब सवा नौ बजे तक मंदिर के जगमोहन में यजमानों को बैठाकर पूजा कराते रहे। बाहर भक्त दर्शन का इंतजार करते रहे। इससे भीड़ एकत्रित होने पर अव्यवस्था हो गई।