मथुरा के वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण को लेकर सरकार की तैयारी के बाद तीर्थ नगरी में हलचल तेज हो गई है। लोगों में अपने आशियाने और व्यापार को बचाने की चिंता सताने लगी है। लगभग पांच एकड़ भूमि पर कॉरिडोर निर्माण की सरकारी मंशा से रूबरू होते ही इसकी संभावित परिधि में आने वाले अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के सेवायत एवं घर-दुकानों के मालिक असमंजस में हैं। सभी चाहते हैं कि सरकार को पहले स्थानीय नागरिकों के हितों पर केंद्रित कार्ययोजना बनाकर सार्वजनिक विश्वास अर्जित करना चाहिए ताकि यहां के निवासी भी अपने आराध्य की सेवा में पूर्ण मनोयोग से जुट सकें।
बिहारीपुरा निवासी मंदिर के सेवायत शरद बिहारी गोस्वामी ने सबसे पहले पूरी कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि सेवायतों के हितों को सुरक्षित रखना सरकार का दायित्व है। पुरोहित पाडा निवासी राजीव शर्मा ने कहा कि मंदिर कॉरिडोर निर्माण के नाम पर निकटवर्ती निवासियों को उजाड़ने की कोशिश न करके अन्य विकल्प भी तलाशने चाहिए।
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बांके बिहारी मंदिर पर उमड़ी भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि विकास के हम भी पक्षधर हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा के अनुसार कार्य होने चाहिए, चाहे कॉरिडोर हो।
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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि कॉरिडोर की जद में आने वाले अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के सेवायतों के पैतृक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करके ही संबंधित स्थलों का विकास होना चाहिए।
पोशाक विक्रेता रामकिशन गौतम ने कहा कि हम लोगों का खानदानी घर, मकान, दुकान सब कुछ यहीं है, अत: सरकार को हमारे विषय में गंभीरता पूर्वक सोचना चाहिए।
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बांके बिहारी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़
व्यापारी सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि हम कई पीढ़ियों से इसी गली में दुकान करते आ रहे हैं, हमारी अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
नगर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष नूतन बिहारी पारीक ने कहा कि 'हम सब के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के मंदिर कॉरिडोर निर्माण से प्रभावित होने वाले सभी लोगों के मूलभूत अधिकारों को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है, इसमें कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए।'