थाना सदर के रोहता में इंडियन ओवरसीज बैंक डकैती के मामले में गिरफ्तार कर्मचारी पुनीत उर्फ पीके को पुलिस ने सोमवार को ही जेल भेज दिया था। मंगलवार को चार अन्य आरोपी ठाकुरदास, रंजीत, नीरज और रजनी को जेल भेजा गया। जबकि अभी सनी, बंटी, नरेंद्र और तेज सिंह फरार हैं। वहीं पुलिस ने पांच लाख रुपये और बरामद कर लिए हैं। 12 लाख की बरामदगी के लिए टीमें लगी हैं।
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बैंक डकैती के आरोपी पुलिस गिरफ्त में
- फोटो : अमर उजाला
15 दिसंबर को इंडियन ओवरसीज बैंक में 56.94 लाख रुपये की डकैती डालने का मास्टरमाइंड खंदारी निवासी ठाकुरदास था। वह बीसी चलाता था। वह भाजपा के अनुसूचित मोर्चा का पूर्व मंडल उपाध्यक्ष भी रहा है। उस पर बीसी में घाटा होने पर कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए डकैती डाली थी। इसमें उसका साथ बैंक के अस्थायी कर्मचारी पुनीत ने दिया था। पुलिस ने सोमवार को आरोपी ठाकुरदास, पुनीत और रंजीत को गिरफ्तार किया था। उनसे 40 लाख रुपये बरामद किए थे। रकम को छिपाने में ठाकुरदास की पत्नी रजनी और अनुज वधू नीरज को भी गिरफ्तार किया था।
आगरा बैंक डकैती कांड: घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी फाइल
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुरदास ने बांट दिया था पैसा
पुलिस ने बताया कि ठाकुरदास ने रकम को कई जगह बांट दिया था। इस कारण रकम बरामदगी में देरी हो रही है। 12 लाख रुपये सनी, बंटी और नरेंद्र लेकर फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है। एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, डकैती में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीम लगी है। उनके शरणदाताओं को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेजेगी।
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आगरा बैंक डकैती कांड
- फोटो : अमर उजाला
रकम के लिए तगादेदार परेशान
ठाकुरदास के जेल जाने के बाद बीसी में रकम गवां चुके लोगों की मुसीबत बढ़ गई। अब वह इस बात से परेशान हैं कि उनकी डूबी हुई रकम कहां से मिलेगी।
दस लाख रुपये के लालच में तैयार हुआ था पुनीत
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि बैंक का अस्थायी कर्मचारी पुनीत दस लाख रुपये में ठकैती कराने पर तैयार हुआ था। शाम को बैंक से लौटने के बाद वह ठाकुरदास के घर जाता था। इस दौरान पूरी प्लानिंग की जाती थी। लूट करने के बाद ठाकुरदास के घर पार्टी की थी। वह घर भी देर से पहुंचा था। पकड़े जाने के बाद वह अफसोस कर रहा था।