आयुषी की हत्या कर उसकी लाश को यमुना एक्सप्रेसवे के पास ट्रॉली बैग में फेंकने के बाद आरोपी पिता नितेश यादव ने कार और रिवॉल्वर को दिल्ली ले जाकर यमुना किनारे निर्माणाधीन एक मकान में छिपा दिया था। जिस रिवॉल्वर से गोली मारी थी, उसके लाइसेंस को पड़ोसी के घर में छिपा दिया था ताकि किसी को जानकारी न हो सके। पुलिस ने कार और रिवॉल्वर सहित लाइसेंस को पड़ोसी छोटलाल यादव के घर से बरामद किया था।
उधर, बीसीए की छात्रा आयुषी के हत्यारोपी मां और पिता को कड़ी सजा मिल सके, इसके लिए मथुरा पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हत्याकांड के करीब 27 गवाह बनाने के लिए पुलिस ने कदम बढ़ा दिया है। इन गवाहों में पुलिसकर्मी, टोल कर्मचारी, ढाबा कर्मचारी और चौकीदार को भी शामिल किया गया है। जल्द ही गवाहों के पुलिस बयान दर्ज कर और तथ्य एकत्रित करके हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल करेगी।