शहीद रामवीर सिंह के पिता किशोर सिंह की आंखें नम हैं। वह अपने पोते को गोदी में लेकर बैठे हैं। आस-पड़ोस के लोग सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। कहने लगते हैं, मुझे गर्व है अपने बेटे पर। दो पोते हैं और दोनों को बड़ा करके सैनिक बनाऊंगा। मेरे पोते भी अपने पिता की तरह देश की सेवा करेंगे।
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शहीद रामवीर सिंह के पिता किशोर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कोसीकलां क्षेत्र के गांव हुलवाना निवासी किशोर सिंह के बेटे रामवीर सिंह से अक्सर फोन पर बात होती रहती थी। इसी बुधवार की रात को काफी देर किशन सिंह ने अपने बेटे रामवीर सिंह से बात की थी। जम्मू-कश्मीर में चल रहे हालातों पर भी चर्चा होती थी। रामवीर कहा करते थे कि अलर्ट किया जा रहा है। फोर्स बढ़ाई जा रही है। किशोर सिंह ने कहा था कि अपना ख्याल रखना है। शुक्रवार की भोर में पता चला कि उनका बेटा शहीद हो गया है। परिवार में कोहराम मच गया। जिसने भी सुना वही किशन सिंह के घर पहुंच गया। हर कोई परिवार को हिम्मत बंधा रहा था। रामवीर के छोटे छोटे बच्चों को देखकर हर किसी की आंख भर आती थीं।
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शहीद रामवीर सिंह का बेटा
- फोटो : अमर उजाला
किशोर सिंह की जब बेटे रामवीर सिंह से फोन पर बात हुई तो रामवीर सिंह ने कहा कि था कि पंद्रह दिन की छुट्टी मंजूर करा रहा हूं। एप्लीकेशन दे दी है। छुट्टी मंजूर होते ही घर आ जाऊंगा। किशोर सिंह ने कहा कि बड़ा खुश था उनका बेटा। कह रहा था कि छुट्टी में घूमने भी चलेंगे। लेकिन कौन जानता था कि उसके आने से पहले शहादत की खबर आ जाएगी।
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शहीद जवान का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
शहीद रामवीर सिंह की मां कृष्णा और पत्नी नीतू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की महिलाएं इन दोनों को हिम्मत बंधा रही हैं लेकिन जिसका अपना चला जाए उसे भला कौन संभाल सकता है। रामवीर सिंह की शादी वर्ष 2012 में छाता निवासी नीतू के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा तीन साल का शिवा है और छह माह का आदित्य है।
शहीद जवान के घर जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
किशोर सिंह ने बताया कि फोन पर सभी से बात किया करता था। अक्सर रात को सभी को इंतजार रहता था कि रामवीर का फोन आएगा। घर का हाल चाल पूछता और खेती के बारे में भी जानकारी करता था। बुधवार की रात को ही फोन किया था। तब पिता को बताया था कि उसने छुट्टी मांगी है मंजूर होते ही वह गांव पहुंच जाएगा।