वृंदावन के वात्सल्य ग्राम स्थित समविद गुरुकुलम में अमेरिका से आईं छात्राएं भारतीय संस्कृति के रंग में रंगी नजर आईं। इन्होंने साप्ताहिक शैक्षणिक प्रवास के दौरान यहां की छात्राओं के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार, शिक्षा, संगीत एवं कला को जाना। शुक्रवार को विदाई समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें दोनों देशों की संस्कृतियों की झलक देखने को मिली।
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साध्वी ऋतंभरा
- फोटो : अमर उजाला
विदाई समारोह का शुभारंभ साध्वी ऋतंभरा और जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्रा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। गुरुकुलम के वटुकों द्वारा वेद मंत्रों का पाठ किया तो अमेरिकी छात्राओं ने गायत्री मंत्र से ब्रह्म यज्ञ किया।
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नृत्य करतीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
अमेरिका की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य एवं कठपुतली का मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही वाद्य यंत्रों के साथ राधा के भजनों को गाया तो कार्यक्रम में मौजूद लोग भक्ति में खो गए।
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अमेरिकी छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
छात्राओं ने राधा-कृष्ण, गोपी-ग्वालों का वेश धारण कर ब्रज की प्रसिद्ध लठामार एवं फूलों की होली खेली। भारतीय संस्कृति को देखकर विदेशी मेहमान मंत्रमुग्ध हो गए। उन्हें यहां का रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज बहुत रास आए।
साध्वी ऋतंभरा के साथ अमेरिकी छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि नक्शा पर खिंची हुई लकीरें कभी भी दिलों को विभाजित नहीं कर सकती। हम सभी एक हैं। आने वाले समय में भारत और अमेरिका की संतानें एक-दूसरे की पूरक बनेंगी। धर्म और विज्ञान का मिलन होगा। दो संस्कृतियों का मिलन सारी मनवता को सुखी करेगा।