अक्षय नवमी पर सोमवार को मथुरा के पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने अक्षय पुण्य प्राप्ति के लिए नंगे पैर राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए प्रभु भक्ति में लीन होकर परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा मार्ग पर मानव श्रृंखला टूटने का नाम नहीं ले रही थी। यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। कोरोना वायरस का खौफ भी परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक सका है। कई श्रद्धालु बिना मास्क के परिक्रमा करते दिखाई दिए।
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अक्षय नवमी 2020: मथुरा की परिक्रमा करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय नवमी की परिक्रमा हल्की ठंड में रविवार आधी रात ही शुरू हो गई थी। भोर होते ही यह सिलसिला तेज हो गया। संकरे और कीचड़ भरे मार्ग भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पा रहे थे। पूरे परिक्रमा मार्ग पर आस्था की डोर में बंधे श्रद्धालुओं पर श्रीकृष्ण और राधा का प्रेम रस बरस रहा था। टोलियों के रूप में कोई तीन वन, तो कोई मथुरा की परिक्रमा लगा रहा था।
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अक्षय नवमी 2020: कई श्रद्धालु मास्क नहीं लगाए थे
- फोटो : अमर उजाला
परिक्रमा से पहले श्रद्धालुओं ने मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना स्नान कर पूजन किया। इस दौरान विश्राम घाट, बंगाली घाट, रंगेश्वर महादेव मंदिर, डेंपियर नगर, भूतेश्वर, पोतराकुंड, सरस्वती कुंड, चामुंडा, गायत्री तपोभूमि, गोकर्ण नाथ, मोक्षधाम, गऊघाट पर भारी भीड़ रही।
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अक्षय नवमी 2020: मथुरा की परिक्रमा करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम ने परिक्रमा मार्ग को सुगम बनाने की कोशिश की थी, लेकिन फिर भी श्रद्धालुओं को गंदगी और कीचड़ से निकलना पड़ा। शहर की अंदर और बाहर की कॉलोनियों से लोग परिक्रमा में शामिल हुए।
अक्षय नवमी 2020: परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी तीन वन और मथुरा की परिक्रमा लगाई। जगह-जगह गन्ना, मूली, गाजर आदि खाने के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। कई स्थानों पर मेले जैसा नजारा रहा। समाज सेवियों ने प्याऊ लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की।