भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल को डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 83वें दीक्षांत समारोह में डी. लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस दौरान डोभाल ने छात्रों को अपने जीवन के कई संस्मरण सुनाए।
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अजीत कुमार डोभाल
- फोटो : अमर उजाला
कभी इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे डोभाल ने छात्रों को देश सेवा की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप जीवन में कितना ऊंचा जाओगे, यह आपकी स्पर्धा की ऊंचाई से तय होगा।
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अजीत कुमार डोभाल
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान उन्होंने बताया कि यहां से जाने के बाद 55 साल जो काम किया है, वह इस विश्वविद्याल का कर्ज को उतारने की यात्रा थी। जब यह विवि छोड़ा, तो बहुत अच्छी यादें थीं।
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डोभाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जगत में नए दरवाजे खुल रहे हैं। देश वैश्विक स्पर्धा के लिए तैयार होना चाहता है। उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ता है जनशक्ति से। जनशक्ति को वैश्विक स्तर पर स्पर्धा के लिए तैयार करना होगा।
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अजीत कुमार डोभाल
- फोटो : अमर उजाला
हमारे डाक्टर, हमारे वैज्ञानिक, हमारे विद्यार्थी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हों। यह काम कर सकते हैं विश्वविद्यालय और महाविद्यालय। इनकी यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसा नेतृत्व दें, जो विश्व स्तरीय हो।
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अजीत कुमार डोभाल
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डोभाल ने बताया कि जब वह आगरा विश्वविद्यालय के छात्र थे, तब खेल में ज्यादा अच्छे थे, पढ़ाई में कम। लेकिन बाद में पढ़ाई में भी हो गए। डोभाल ने बताया कि उन्होंने 55 साल पहले कानपुर के क्राइस चर्च कॉलेज से बीए और एमए किया।
अर्थशास्त्र से एमए के बाद वे मेरठ चले गए। वहीं पर मेरठ कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता बन गए थे। आईपीएस बनने से पहले वे छात्रों को अर्थशास्त्र पढ़ाया करते थे। वहां अध्यापन के दौरान ही तैयारी करते रहे और आईपीएस बन गए।