डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्नातक प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 13 अगस्त से शुरू होनी हैं, लेकिन अभी तक एक चौथाई छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फार्म नहीं भरा है। बीए, बीएससी, बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर में करीब 99 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 10 हजार से भी कम ने अभी तक परीक्षा फार्म भरा है। छात्र-छात्राएं परीक्षा फीस कम किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने शासन की ओर से निर्धारित फीस ही लिए जाने का आदेश भी कर दिया है।
वार्षिक फीस (2050 रुपये) एक सेमेस्टर में लिए जाने के विरोध में 5 अप्रैल, 2022 को आनंदी देवी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजूकेशन और 28 अन्य कॉलेज हाईकोर्ट चले गए थे। कॉलेजों ने कहा कि उन्होंने वार्षिक फीस छात्र-छात्राओं से ली थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर व्यवस्था लागू कर पूरे एक वर्ष की फीस एक सेमेस्टर में लेने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 17 जुलाई को शासन स्तर से राज्य विश्वविद्यालयों की फीस निर्धारित कर दी गई। उसके हिसाब से स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को प्रति सेमेस्टर 800 रुपये फीस दी जानी है। हाईकोर्ट में शासन के आदेश को भी रखा गया। इसके बाद कोर्ट ने शासन की ओर से निर्धारित फीस ही लिए जाने का आदेश दिया है।