डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में एक छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की। बीएससी की मार्कशीट के लिए उसने नौ बार चक्कर लगाया। शुक्रवार को भी सुबह से शाम तक बैठाए रखा गया। छात्र का आरोप है मार्कशीट के लिए वरिष्ठ सहायक ने उससे रुपये मांगे। छात्र चला गया और कुछ देर बाद बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचा और अपने ऊपर डाल लिया।
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गुस्साए छात्र
- फोटो : अमर उजाला
कर्मचारी छात्र को पकड़कर परीक्षा नियंत्रक के पास ले गए। सकीट, एटा का रहने वाले प्रदीप कुमार ने वर्ष 2011 में एसबीएस कालेज, एटा से बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की। दो वर्ष के अंतराल बाद बीएससी द्वितीय और तृतीय वर्ष की पढ़ाई की। वर्ष 2015 में बीएससी तृतीय वर्ष की परीक्षा दी। किसी भी वर्ष की मार्कशीट उसे मिली नहीं थी।
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परेशान छात्र
- फोटो : अमर उजाला
बीएड प्रवेश परीक्षा में आवेदन के उद्देश्य से उसने 16 फरवरी 2018 को मूल अंकपत्र लेने के लिए आवेदन किया। प्रथम वर्ष के अंकपत्र में विषय परिवर्तित हो गया था। उसे ठीक करवाने के नाम पर प्रदीप को लगातार चक्कर लगवाए गए। वह नोएडा में काम भी करता है। वहां से आना पड़ रहा था। शुक्रवार को सुबह प्रदीप बीएससी प्रथम वर्ष सेक्शन मार्कशीट लेने के लिए पहुंचा। वरिष्ठ सहायक जीशान अहमद ने कुलसचिव से अनुमति लाने के लिए कहा।
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छात्रों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
प्रभारी कुलसचिव केएन सिंह ने अनुमति भी दे दी। छात्र का आरोप है कि से तीन बजे तक बैठाए रखा गया। उससे रिश्वत की मांग की गई। मना करने पर उस पर सहायक भड़क गए, उसे उठाकर बाहर फेंकने और कागजों को फाड़ने की धमकी दी। इसके बाद छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की।
आत्मदाह की कोशिश करने पर कर्मचारी छात्र को पकड़कर प्रभारी कुलसचिव केएन सिंह के पास ले गए। इस बीच एनएसयूआई के कार्यकर्ता पहुंच गए, वह छात्र को अपने साथ बाहर लेकर गए। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता भी पहुंच गए। उन्होंने भी छात्र का समर्थन किया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। छात्र को अपने हरीपर्वत थाने ले गई। छात्र का मेडिकल कराया।