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यूपी में छह लड़कियों की मौत: वर्षा रोकने को लगाती रह गई अवाज, बच्चियों को यमुना में खींच ले गई मौत; तस्वीरें

Wed, 04 Jun 2025 02:07 PM IST
शाहरुख खान संजीव जूरैल, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यमुना नदी में नहाते समय एक ही परिवार की छह लड़कियां डूब गई, चार ने मौके पर तो दो ने अस्पताल में दम तोड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। 
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girls drown while bathing - फोटो : संवाद
आगरा नगला नाथू की दर्दनाक घटना में वर्षा ने अपनी तीन भतीजी के साथ बहन और भांजी को भी खो दिया है। उसके आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। वह बस यह कह रही थी कि नदी में दूर जाने से रोकती रही लेकिन वह यमुना की गहराई में जाती रहीं। बच्चियों ने मेरी हर हिदायत को अनसुना कर दिया। उसकी आंखों के सामने सभी बच्चियों को यमुना मौत के मुंह में खींच ले गई।

ये दर्द यमुना में डूबने वाली मुस्कान, दिव्या, संध्या व नैना की चाची, शिवानी की बहन और सोनम की मौसी वर्षा का था, जो फफक-फफक कर रो रही थी। वह भी बच्चों के साथ अपने बेटे (6) को लेकर यमुना घूमने गई थी। वहां पर सभी बच्चियां यमुना में नहाने की जिद करने लगीं। 
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यमुना में डूबी छह लड़कियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वर्षा ने मना करते हुए कहा कि कल ही तो नहा कर गई थी। यमुना किनारे पर बच्चे को लेकर खड़ी रहीं और बच्चियों को रोकने का प्रयास करती हैं। वहां से खड़े होकर अधिक अंदर नहीं जाने की आवाज भी लगाती रहती हैं। उसकी आंखों के सामने सभी बच्चियां पानी के बहाव के चलते गड्ढे में फिसल गई। वह चिल्लाती रह गई। अब यह दर्द उसे सहन नहीं हो रहा।

 
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यमुना में डूबी छह लड़कियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छुट्टियां मनाने आई थी शिवानी और वर्षा
नगला रामबल की शिवानी और नगला नेहरा की सोनम वर्षा के घर गर्मियों की छुट्टियां मनाने रविवार को आई थीं। शिवानी ने हाईस्कूल और सोनम ने तीसरी कक्षा उत्तीर्ण की थी।

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यमुना में डूबी छह लड़कियां, मौके पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऊबड़ खाबड़ और कच्चे रास्ते की बाधाओं से टूट गईं सांसें
आगरा के बिचपुरी ब्लॉक का गांव नगला नाथू यमुना किनारे बसा हुआ है। इस छोटे से गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। रामलाल वृद्धाश्रम के निकट से ऊबड़-खाबड़ कच्चा रास्ता गांव तक पहुंचता है। मंगलवार की सुबह यमुना नदी में डूबी छह किशोरियों को निकालने में ग्रामीणों ने बहुत देर नहीं लगाई। तीन की सांसें चल रही थीं। 

 
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यमुना में डूबी छह लड़कियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों ने उन्हें सीपीआर दी। पेट दबाकर पानी निकाला। लेकिन एंबुलेंस 2 घंटे बाद गांव के बाहर तक ही पहुंच सकी। इस बीच ग्रामीण उनको निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय से इलाज मिलता तो शायद कुछ बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। यमुना किनारे बसे गांव की सिकंदरा थाने से दूरी करीब 6 किलोमीटर है। 
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यमुना में नहाने गई बहनें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव तक जाने का रास्ता कच्चा और ऊबड़ खाबड़ है। दोनों ओर कंटीली झाड़ियों के कारण संकरा भी है। सुबह हादसे के बाद ग्रामीणों ने करीब 30 मिनट के भीतर ही बच्चियों को बाहर निकाल लिया था। ग्रामीण बच्चू सिंह ने बताया कि ज्यादातर लोग तैरना जानते हैं। ऐसे में बच्चियों को निकालने के लिए गांव के युवाओं के साथ अन्य लोग भी पहुंच गए थे। मुस्कान बाहर निकलने के बाद उल्टी कर रही थी। सोनम और शिवानी की सांसें भी चल रही थीं।
 
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घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर मौजूद रहे ताराचंद ने बताया कि पुलिस वाले पहले मुस्कान, दिव्या, संध्या और नैना को एसएन इमरजेंसी ले गए लेकिन तब तक उनकी सांसें टूट चुकी थीं। एंबुलेंस 12:30 बजे गांव के बाहर तक ही आ सकी। वहां से भी घटनास्थल एक किमी दूर था। ग्रामीण डालचंद ने बताया कि घटना पर अधिकारी तो आ गए लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। एंबुलेंस आ जाती तो शायद 2-3 बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी। 

 

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विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के रामदयाल ने बच्चियों को सीपीआर देकर सांसें लौटाने की कोशिश की थी। लेकिन बच्चियों को उचित इलाज नहीं मिल सका। करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार किया गया लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पुलिस की एक जीप में ग्रामीणों की मदद से बच्चियों को निजी अस्पताल के लिए ले जाया गया। लेकिन देर हो चुकी थी। समय से इलाज मिल जाता तो इतने घरों में मातम नहीं पसरा होता। हादसे में मृत नैना के छोटे भाई देव ने बताया कि पूरा गांव ही यमुना किनारे पहुंच गया था। जीजी को डॉक्टर के पास ले जाने में देरी हो गई।
 

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परिजनों में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरसों से कच्चा पड़ा है रास्ता
नगला नाथू के ग्रामीणों का कहना है कि गांव का रास्ता बरसों से कच्चा ही है। कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग कर चुके हैं लेकिन कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। छोटा सा गांव होने के कारण भी जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते हैं। ज्यादातर आबादी निषाद समाज के लोगों की है। अगर पक्का रोड बन जाए तो यहां भी आवागमन के साधन सुलभ हो सकेंगे। यहां ज्यादातर परिवार खेती किसानी और मजदूरी करते हैं।
 

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घटना से परिवार में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना में डूबीं तीन सगी बहनों सहित छह किशोरियों की मौत 
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में मंगलवार की सुबह यमुना किनारे बसे गांव नगला नाथू की रहने वालीं तीन सगी बहनें अपनी हमउम्र मौसी, मौसेरी बहन और चचेरे भाई-बहनों के साथ नहाने गई थीं। इस दौरान गहरे पानी में छह किशोरियां डूब गई। चचेरे भाई ने शोर मचाया तो खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आधा घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। पुलिस की एक जीप से चार किशोरियों को एसएन इमरजेंसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

 

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माैके पर पहुंचे आला अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो की सांसें चल रही थीं। उनको पुलिस की दूसरी जीप से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो घंटे बाद उनकी भी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। नगला नाथू निवासी सुरेश चंद्र की तीन बेटियां मुस्कान (18), दिव्या (15), संध्या उर्फ कंचन (12), चचेरी बहन नैना (14) पुत्री दिनेश और चचेरे भाई दीपेश (14) पुत्र राजकपूर गांव के पास ही यमुना में नहाने गई थीं। 

 

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माैत से पहले बनाई रील। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगला रामबल, जलेसर रोड के अशोक कुमार की बेटी शिवानी (17), टेढ़ी बगिया के अशोक की बेटी सोनम (12) भी अपने मौसा सुरेश चंद्र के घर आई हुई थीं। हमउम्र शिवानी रिश्ते में मुस्कान की मौसी है। वह दोनों भी साथ थीं। दीपेश ने बताया कि यमुना में नहाने के दौरान करीब 10:30 बजे मुस्कान और शिवानी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगीं। 

 

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Agra Girls Drown In Yamuna - फोटो : अमर उजाला
अन्य किशोरियां और दीपेश उन्हें बचाने का प्रयास करने लगा। सभी छह किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। दीपेश किसी तरह बाहर निकला और शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उनमें से तैराक युवक नदी में कूद गए। आधा घंटे की कवायद के बाद उन्होंने किशोरियों को नदी से निकाल लिया। 

 
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Agra Girls Drown In Yamuna - फोटो : अमर उजाला
इसी दरम्यान घटना की सूचना सिकंदरा पुलिस व प्रशासन तक पहुंच गई। सिकंदरा थाने की जीप पहुंची। पुलिस चार किशोरियों मुस्कान, दिव्या, संध्या और नैना को लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

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