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आगरा सचिन चौहान हत्याकांड: 21 जून को रची गई हत्या की साजिश, खबर में पढ़िए कब क्या हुआ?

Tue, 29 Jun 2021 09:10 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मृतक सचिन चौहान का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा में कोल्ड स्टोरेज मालिक सुरेश चौहान के इकलौते बेटे सचिन चौहान के हत्यारोपी दोस्तों ने ना सिर्फ पीपीई किट में उसका शव जलाया, बल्कि उसकी अस्थियों को भी यमुना में विसर्जित कर दिया। गिरफ्तार आरोपी हर्ष चौहान और कारोबारी सुमित असवानी से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इन दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पार्टी करने के बहाने सचिन को बुलाया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को हत्याकांड का खुलासा किया। शीतगृह स्वामी और ठेकेदार सुरेश चौहान के बेटे सचिन की 21 जून को हत्या पूरी साजिश से की गई थी। व्हाट्सएप पर काल करके उसे घर से बाहर बुलाया। शराब पार्टी करने के बाद हत्या कर दी। 
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सचिन हत्याकांड: पिता सुरेश चौहान को केक खिलाता सचिन (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि हर्ष चौहान और सुमित ने सचिन की हत्या की पूरी साजिश की थी। हत्याकांड में रुपयों का लालच देकर सुमित ने अपने मामा के बेटे हैप्पी खन्ना, हैप्पी ने अपने दोस्त मनोज बंसल और उसके पड़ोसी रिंकू को भी शामिल कर लिया। हैप्पी सुमित के यहां गाड़ी चलाता था। वहीं मनोज पर कोरोना काल की वजह से ढाई लाख रुपये का कर्ज हो गया था। वह विकलांग भी है। हैप्पी ने पड़ोसी रिंकू को भी लालच दिया। उसे भी रुपयों की जरूरत थी। 
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सचिन हत्याकांड: आरोपी मनोज बंसल, सुमित असवानी - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने पहले ही तय कर रखा था कि सचिन का अपहरण करके हत्या कर देंगे। इसके बाद फोन करके दो करोड़ रुपये की फिरौती वसूलेंगे। योजना के मुताबिक, दोपहर में सुमित ने सचिन को व्हाट्सएप पर कॉल किया। उसे कहा कि पार्टी करनी है। रशियन लड़की भी बुलाई है। सुमित घर से लोअर और टीशर्ट में ही फोन पर बात करते हुए बाहर आ गया।  वह क्रेटा गाड़ी से आए थे। रिंकू गाड़ी चला रहा था। मनोज उसके बगल में बैठा था। वहीं सुमित और हैप्पी पीछे की सीट पर थे। सचिन बीच में बैठ गया। हैप्पी के दोस्त की बहन का पोइया घाट पर पानी का प्लांट है। वो इन दिनों बंद पड़ा है। हैप्पी ने पार्टी करने के लिए उसके प्लांट की चाबी ले ली। इसके बाद प्लांट के पहली मंजिल पर बने कमरे में ले गए। मनोज बाहर खड़ा हो गया।

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आगरा सचिन हत्याकांड: पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
सुमित, रिंकू और हैप्पी ने सचिन के मुंह पर पॉलीथिन और टेप बांध दिया। उसका गला दबाया, जिससे सचिन की मौत हो गई। बाद में सुमित ने सचिन का मोबाइल विकलांग मनोज को दे दिया। उसे खंदारी से इटावा की बस में बैठा दिया। उससे कहा कि रास्ते में परिवार के लोगों को सचिन के फोन से काल करके फिरौती मांगना। रास्ते में सचिन के मोबाइल पर परिवार के लोगों के फोन आए। उसने रिसीव नहीं किए। फिरौती भी नहीं मांगी।
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सचिन हत्याकांड का खुलासा करते एसएसपी मुनिराज जी - फोटो : अमर उजाला
सरयू विहार के रवि वर्मा के नाम से कटवाई रसीद
एसटीएफ निरीक्षक हुकुम सिंह के मुताबिक, 21 जून की रात तकरीबन साढ़े आठ बजे सुमित, रिंकू और हैप्पी शव को गाड़ी से बल्केश्वर घाट ले गए। शव बॉडी पैकिंग बैग में रखा था। खुद भी पीपीई किट लेकर गए थे, लेकिन पहनी नहीं। श्मशान घाट कमेटी से सामान खरीदने के बाद सचिन का नाम रवि वर्मा निवासी सरयू विहार, कमला नगर बताकररसीद कटवाई। बताया कि मृतक कोरोना पॉजिटिव है। उसकी मौत हुई है। 22 जून को रिंकू और हैप्पी अस्थियां लेने गए। इसके बाद घाट पर विसर्जित कर दीं। वहीं मनोज कानपुर के झकरकटी स्टैंड पर मोबाइल फेंक आया। पुलिस ने मोबाइल की तलाश की, लेकिन मिला नहीं है। पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी ने एक दूसरे से फोन पर काल करके बात नहीं की। ताकि पुलिस नहीं पकड़ सके। 
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सचिन चौहान का फाइल फोटो, आरोपी सुमित असवानी - फोटो : फेसबुक/अमर उजाला
हत्याकांड एक नजर में 
तारीख 21 जून 
दोपहर 2:40 बजे : सुमित सचिन को कॉल करता है। 
दोपहर 3:30 बजे : सुमित अपने साथियों के साथ कार से जयराम बाग पहुंचा। सचिन को लेकर सौ फुटा रोड पर आ जाते हैं। 
शाम 04:00 बजे : शराब खरीदने के बाद कार में ही पार्टी की। 
शाम 04:30 बजे : सौ फुटा होते हुए पोइया घाट स्थित पानी के प्लांट पर जाते हैं। 
शाम 05:00 बजे : आरोपी उसका गला घोंटने लगते हैं, 25 मिनट तक सचिन जान बचाने के लिए संघर्ष करता है। 
शाम 05:30 बजे : हत्या करके सभी आरोपी कमरे से बाहर जाते हैं। 
शाम 07:30 बजे : हत्यारोपी साथी मनोज को बस में इटावा के लिए बैठाते हैं।
शाम 08:30 बजे : बल्केश्वर घाट पर तीन आरोपी शव लेकर जाते हैं। 
शाम 10:30 बजे : शव जलाने के बाद वापस अपने घरों पर आ जाते हैं। 
रात 12:00 बजे : मनोज इटावा पहुंचता है। 
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सचिन की हत्या के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
22 जून 
तड़के 04:00 बजे : मनोज दूसरी बस से कानपुर पहुंचता है। 
सुबह 08:00 बजे : दो हत्यारोपी घाट से अस्थियां लेकर आते हैं। 
दोपहर 12:00 बजे : आरोपी पानी के प्लांट से सचिन की चप्पल उठा लाते हैं। इन्हें जंगल में फेंक देते हैं। 
(यह जानकारी हत्यारोपियों ने पुलिस को दी है)

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सचिन हत्याकांड: सीसीटीवी में बाइक पर बैठा युवक - फोटो : अमर उजाला
एक फोटो से उलझी पुलिस 
सुरेश चौहान ने बताया कि 22 जून की रात को थाना न्यू आगरा गए। बेटे के लापता होने के बारे में बताया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। पुलिस ने कहा कि फिरौती के लिए कॉल तो नहीं आया है। इस पर इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। इस पर खुद ही तलाश में जुट गए। कालोनी में एक जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए।
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सचिन हत्याकांड में सामने आया सीसीटीवी फुटेज - फोटो : अमर उजाला
कॉलोनी में रहने वाले एक सेवानिवृत्त अधिकारी से भी मदद ली। एक फुटेज मिला, जिसमें बाइक सवार दो युवक नजर आ रहे थे। इनमें से पीछे वाला भी हेलमेट लगाए था। यह सचिन ही था। यह जानकारी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने कहा कि अपहरण जैसी कोई बात नहीं है। इसमें सचिन खुद ही जाता हुआ नजर आ रहा है। एसटीएफ लगी तो कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। इसके बाद हत्याकांड का खुलासा हो गया। 

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