Yamuna River Accident Agra: आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में यमुना किनारे बसे गांव नगला नाथू में गहरे पानी में छह किशोरियां डूब गई। डूबने से सभी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मची है।
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र के नगला नाथू में छह बेटियों को खोने के बाद मातमी सन्नाटा पसर गया। तीन बेटियों मुस्कान, संध्या और दिव्या को खोने वाली मां कांता, उनके दादा-दादी का बुरा हाल था। कांता दहाड़ मारकर रोती और बिटिया को पुकारती हुई बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ती। यही हाल दादी मीना देवी का था, वह कह रही थीं कि मेरी चिड़ियां उड़ गईं, घर में अब कौन बोलेगा।
गांव नगला नाथू में रहने वाले सुरेश मजदूरी करते हैं। उनकी तीन बेटियों में मुस्कान सबसे बड़ी थी। गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आठवीं तक पढ़ी थी। उसके बाद स्कूल जाना छोड़ दिया था।
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आगरा में यमुना में डूबने से छह लड़कियों की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छोटी बहन कंचन और दिव्या आठवीं में पढ़ रही थीं, जबकि दिनेश की बेटी नैना छठवीं की छात्रा थी। रिश्तेदारों की दो बेटियां की भी हादसे में मौत हो गई। सुरेश की पांच बेटियों में मुस्कान, कंचन और दिव्या बड़ी थीं, दो छोटी कल्लो और सलोनी हैं। नैना चार भाई-बहनों में बड़ी थी। परिवार में भाई देव और दो छोटी बहनें नायरा व निक्की हैं।
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आगरा में यमुना में डूबने से छह लड़कियों की मौत
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हादसे के बाद मुस्कान की मां कांता देवी, नैना की मां दीपू का बुरा हाल था। कांता देवी बेटियों को पुकार रही थीं, कह रही थीं कि अब कभी नहीं आएंगी। मैं किसके साथ बाजार जाऊंगी। दादी मीना देवी चिल्ला रही थीं कि मेरी चिड़ियां उड़ गईं। कैसे मुश्किलों से पाला था। क्यों चली गईं, हमें क्यों छोड़ गईं।
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आगरा में यमुना में डूबने से छह लड़कियों की मौत
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गांव में शोक की लहर
नगला नाथू निषाद बहुल गांव है। अनुसूचित जाति के विजय सिंह और उनके परिवार के आठ घर हैं। हादसे के बाद गांववालों ने परिजन को ढांढस बंधाया। गांव में शाम को चूल्हे तक नहीं जले।
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यमुना में डूबीं तीन सगी बहनों सहित छह किशोरियों की मौत
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में मंगलवार की सुबह यमुना किनारे बसे गांव नगला नाथू की रहने वालीं तीन सगी बहनें अपनी हमउम्र मौसी, मौसेरी बहन और चचेरे भाई-बहनों के साथ नहाने गई थीं। इस दौरान गहरे पानी में छह किशोरियां डूब गई। चचेरे भाई ने शोर मचाया तो खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आधा घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। पुलिस की एक जीप से चार किशोरियों को एसएन इमरजेंसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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आगरा में यमुना में डूबने से छह लड़कियों की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो की सांसें चल रही थीं। उनको पुलिस की दूसरी जीप से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो घंटे बाद उनकी भी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। नगला नाथू निवासी सुरेश चंद्र की तीन बेटियां मुस्कान (18), दिव्या (15), संध्या उर्फ कंचन (12), चचेरी बहन नैना (14) पुत्री दिनेश और चचेरे भाई दीपेश (14) पुत्र राजकपूर गांव के पास ही यमुना में नहाने गई थीं।
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परिजनों में कोहराम मच गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगला रामबल, जलेसर रोड के अशोक कुमार की बेटी शिवानी (17), टेढ़ी बगिया के अशोक की बेटी सोनम (12) भी अपने मौसा सुरेश चंद्र के घर आई हुई थीं। हमउम्र शिवानी रिश्ते में मुस्कान की मौसी है। वह दोनों भी साथ थीं। दीपेश ने बताया कि यमुना में नहाने के दौरान करीब 10:30 बजे मुस्कान और शिवानी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगीं।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अन्य किशोरियां और दीपेश उन्हें बचाने का प्रयास करने लगा। सभी छह किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। दीपेश किसी तरह बाहर निकला और शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उनमें से तैराक युवक नदी में कूद गए। आधा घंटे की कवायद के बाद उन्होंने किशोरियों को नदी से निकाल लिया।
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घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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इसी दरम्यान घटना की सूचना सिकंदरा पुलिस व प्रशासन तक पहुंच गई। सिकंदरा थाने की जीप पहुंची। पुलिस चार किशोरियों मुस्कान, दिव्या, संध्या और नैना को लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
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यमुना में नहाने गई बहनें।
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पेट से पानी निकालने के बाद दो की चल रही थीं सांसें, अस्पताल में मौत
इधर घटनास्थल पर ही शिवानी और सोनम के पेट से पानी निकाला गया तो उनकी सांसें चल रही थीं। उनको ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। रास्ता ऊबड़खाबड़ होने के कारण एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में पुलिस की दूसरी जीप से दोनों किशोरियों को निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां 2 घंटे तक चिकित्सकों ने उनको बचाने की कोशिश की।
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माैके पर पहुंचे अधिकारी।
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दोपहर 2 बजे चिकित्सकों ने उनको भी मृत घोषित कर दिया। छह किशोरियों की मौत से गांव में हाहाकार मच गया। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह, एडीसीपी आदित्य, एसीपी विनायक भोंसले मौके पर पहुंच गए थे।
माैत से पहले बनाई रील।
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मुख्यमंत्री योगी ने की 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।