आगरा में एक घंटे की बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर जलभराव, कांवड़ियों की परेशानी, बरौली अहीर में बारिश के बीच जारी धरना और गांवों में पंप लगाकर जलनिकासी जैसे कई दृश्य सामने आए।
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बारिश से सड़कों पर जलभराव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलनिकासी के लिए करीब ढाई करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बुधवार सुबह करीब एक घंटे तक हुई बारिश ने एक बार फिर निर्माण कार्य और जिम्मेदार विभागों के दावों की पोल खोल दी। लाल मंदिर से माया वाटिका तक राष्ट्रीय राजमार्ग करीब एक फुट पानी में डूब गया।
सावन के चलते इस मार्ग से गुजर रहे कांवड़ियों को जलभराव के बीच से निकलना पड़ा, जिससे उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी जताई।जलभराव की सूचना पर उपजिलाधिकारी सुमित कुमार सिंह ने नायब तहसीलदार एवं क्षेत्रीय लेखपाल के साथ मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने नाले के ऊपर रखे स्लैब को दुरुस्त कराने तथा जलनिकासी सुचारु कराने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन में तत्काल राहत मिल सके।
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बारिश से जलभराव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल स्लैब ठीक कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक अधूरे नाले का निर्माण पूरा कर उसका निकास धंगेटा नहर बंबा तक नहीं कराया जाएगा, तब तक हर बारिश में यही स्थिति बनी रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे किनारे बनाया जा रहा नाला राजनीतिक खींचतान और विभागीय समन्वय के अभाव में अधूरा पड़ा है। नाले का निकास धंगेटा नहर बंबा तक प्रस्तावित है, लेकिन आवश्यक प्रक्रिया पूरी न होने से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसका खामियाजा हर बारिश में स्थानीय लोगों, व्यापारियों, राहगीरों और कांवड़ियों को भुगतना पड़ता है।
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बारिश से हुआ जलभराव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुणवत्ता पर भी उठे सवाल, दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और टोल के रूप में लाखों रुपये की वसूली होती है, लेकिन जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। हर बारिश में राजमार्ग पर जलभराव निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि अधूरे नाले का निर्माण शीघ्र पूरा कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान चाहिए।
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बारिश से जलभराव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तेज बारिश में भी धरने पर डटे रहे व्यापारी
बरौली अहीर में बृहस्पतिवार को तेज बारिश भी धरना दे रहे व्यापारियों के मजबूत इरादे को नहीं बदल सकी व्यापारी भींगते हुए धरने पर बैठे रहे। नवीन फल एवं सब्जी मंडी एसोसिएशन बरौली अहीर एक अगस्त से पुनः कलुआ राम सब्जी मंडी को अवैध बता कर उसे बंद कराने एवं बरौली अहीर सब्जी मंडी को सुचारू रूप से संचालित कराए जाने की मांग के मद्देनजर व्यापारियों के साथ धरना दे रहा है बृहस्पतिवार को तेज बारिश के दौरान भी व्यापारियों का धरना छठवें दिन भी जारी रहा, वे वहां से नहीं हटे। जबकि पूरे मंडी परिसर में जलभराव भी हो गया। एसोसिएशन उपाध्यक्ष प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि अब प्रशासन भी सहयोग नहीं कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जिला प्रशासन ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी गई है, उस रिपोर्ट में भी तथ्यों को छिपाया गया है। व्यापारियों का कहना था कि धरना जारी रहेगा, शीघ्र सुनवाई न होने पर भूख-हड़ताल शुरू किया जाएगा। धरने में होतम सिंह, राजेन्द्र सिंह तोमर, हरिओम, लवकुश त्यागी, नरेश कुमार, चंदू भाई, रहीश खान, गुड्डू भाई, प्रवीन बघेल आदि मौजूद रहे।
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बारिश से मढ़ेपुरा की 20 गांवों को जोड़ने वाली सड़क जलमग्न
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांवों में पंप सेट लगाकर निकाला जा रहा पानी, टीमें मुस्तैद
बिचपुरी में बारिश के बाद गांवों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने ब्लॉक क्षेत्र के गांव सुचेता और अजीजपुर का निरीक्षण किया। जिला विकास अधिकारी भावना यादव, खंड विकास अधिकारी निहारिका जाटव और एडीओ पंचायत राहुल देव उपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। अजीजपुर में पांच पंप सेट लगाकर पानी की निकासी कराई जा रही है। इसके अलावा ग्राम पंचायत बिचपुरी, मिढ़ाकुर, कलवारी, चौहटना, मघटई, लखनपुर, बरारा, गढ़सानी, सुचेता, देवरैठा और पथौली में भी जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए गए हैं। अधिकारियों ने ब्लॉक के सभी ग्राम सचिवों को जलभराव वाले स्थानों पर पंप सेट लगाकर पानी निकलवाने और निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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जटपुरा गांव में जलभराव का निरीक्षण कर ग्रामीणों से जानकारी लेते अधिकारी
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बदहाल व्यवस्थाओं पर सपा ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
बरौली अहीर के गांव बुढ़ाना में बदहाल व्यवस्थाओं ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव की नालियों की कई महीनों से सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात सफाई कर्मचारी लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आने से बरसात के दिनों में गंदगी और जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी अजय कुमार यादव ने बताया कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो सपा ग्रामीणों के साथ मिलकर कर प्रदर्शन करेगी। इस दौरान केएल यादव, अजय कुमार, रवींद्र सिंह, सत्यभान, मीरा देवी ममता आदि मौजूद रहे। वहीं, प्रेम पाल सिंह, खंड विकास अधिकारी, बरौली अहीर-आगरा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है, सफाई कर्मचारी आ रहा है कि नहीं उसकी कोई शिकायत नहीं मिली है, मामले को दिखवाया जाएगा, समस्या का हल कराया जाएगा।
रिमझिम बारिश में भी नहीं डिगी शिवभक्तों की आस्था
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिमझिम बारिश में भी नहीं डिगी शिवभक्तों की आस्था, जलभराव व गड्ढों से गुजरते रहे कांवड़िए
बरहन में रिमझिम बारिश के बीच भी शिवभक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। आगरा-जलेसर मार्ग पर कासगंज के सोरों घाट से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे कांवड़ियों का जत्था लगातार गुजरता रहा। वहीं, नगला ताल के पास गायत्री शक्तिपीठ मंदिर के सामने सड़क पर जलभराव व गड्ढा होने से कांवड़ियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के पानी से जगह-जगह सड़कें टूटी पड़ी हैं। कांवड़ियों ने जलभराव से शीघ्र निजात दिलाने की मांग भी की। जबकि स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान कराने को कहा है।