आगरा में मेट्रो प्रोजेक्ट की राह में एक और मील का पत्थर जुड़ गया है। ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक 7.93 किमी लंबी सुरंग में सात भूमिगत स्टेशन बनेंगे। जिनके निर्माण पर 1819.79 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आचार संहिता खत्म होने के बाद 20 मार्च से निर्माण शुरू हो सकता है। कंपनी को चार साल यानी 2026 तक काम पूरा करना होगा।
इंन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी एफकॉन व सेम इंडिया दोनों ने मिलकर 1819.79 करोड़ का टेंडर लिया है। इस कार्य के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने अगस्त 2021 में टेंडर निकाले थे। करीब 2200 करोड़ रुपये अनुमानित लागत तय की थी। जिसके लिए सात कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई। नवंबर में तकनीकी जांच में दो कंपनियां अयोग्य हो गईं। वित्तीय जांच में एफकॉन व सेम इंडिया ने पांच कंपनियों को हराकर 1819.79 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाकर टेंडर प्राप्त किया है।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के निदेशक अरविंद राय ने बताया कि अगले सप्ताह टेंडर अवार्ड हो जाएगा। दोनों कंपनियों की तकनीकी टीम ने आगरा में प्रस्तावित रूट का मौका-मुआयना कर लिया है। आदर्श आचार संहिता खत्म होने का इंतजार है। 20 मार्च से कंपनी काम शुरू कर सकती है।
सात स्टेशनों में सबसे पहले तीन स्टेशन ताजमहल, आगरा किला व जामा मस्जिद का निर्माण होगा। जिसे 2024 तक पूरा करना है। ताजपूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक छह स्टेशन का प्राथमिकता कॉरिडोर बनना है। जिसके बीच अप्रैल 2024 तक आगरा में मेट्रो ट्रायल होगा। बाकी स्टेशनों का काम 2026 तक पूरा करना होगा।
नहीं पता चलेगी कहां खोदी सुरंग
मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि सुरंग कहां खोदी गई। कब स्टेशन बन गए। किसी को पता नहीं चलेगा। जमीन के नीचे भूमिगत काम चलेगा। सुरंग खोदाई से निकली मिट्टी साथ के साथ इकठ्ठा कर यार्ड में भेजी जाएगी। इस कार्य के दौरान न कोई जाम लगेगा, न यातायात प्रभावित होगा।
चार मशीनों से होगी सुरंग की खोदाई
ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक सुरंग खोदाई के लिए चार टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का इस्तेमाल होगा। चैनेज 3630 से लेकर 11564 तक दोहरी सुरंग खोदी जाएगी। जिसमें ताजमहल, आगरा किला, जामा मस्जिद, एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज स्टेशन आकार लेंगे। सबसे कम 631 मीटर दूरी आगरा किला और जामा मस्जिद स्टेशन के बीच होगी।
इतिहास का सबसे बड़ा टेंडर
मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत यह आगरा के इतिहास का सबसे बड़ा टेंडर है। इससे पहले 2016 में बुलंदशहर से सिकंदरा तक गंगाजल की पाइपलाइन बिछाने के लिए 1600 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। जिसके बाद अब सात मेट्रो स्टेशन के लिए 1819.79 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ है। पहले कॉरिडोर में सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। जिनमें तीन एलिवेटिड स्टेशन फतेहाबाद रोड पर निर्माणधीन हैं। सात भूमिगत स्टेशन के बाद आईएसबीटी, गुरुद्वारा व सिकंदरा तीन एलिवेटिड स्टेशन और बनेंगे।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के आंकड़े
8379.62 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है मेट्रो
2031 तक प्रतिदिन 7.36 लाख यात्री क्षमता होगी
29 मेट्रो ट्रेन चलेंगी, जिनमें कुल 87 मेट्रो कोच होंगे
80 किमी प्रति घंटा मेट्रो की टॉप स्पीड होगी
29 किमी लंबाई के दो कॉरिडोर में कुल 27 स्टेशन होंगे।
एक साल का रिपोर्ट कार्ड
- 273 करोड़ रुपये से तीन एलिवेटिड स्टेशन निर्माणाधीन हैं
- 112 करोड़ रुपये से पीएसी मैदान में पहली डिपो बन रही है
- 4300 करोड़ रुपये का यूरोपियन बैंक से ऋण मिला है