सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक पहले कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनों का संचालन के लिए पीएसी मैदान में डिपो कंट्रोल सेंटर बनेगा। यहां से ट्रेनों पर निगरानी होगी। कंट्रोल सेंटर में स्वचालित बोर्ड पर ट्रैक पर ट्रेन की लोकेशन व गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
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Agra Metro: मेट्रो का कार्य करतीं मशीनें
- फोटो : अमर उजाला
पीएसी मैदान में 112 करोड़ लागत से मेट्रो डिपो निर्माण शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) अधिकारी ने बताया सबसे पहले स्वचालित डिपो कमांड कंट्रोल रूम बनेगा। जैसे ही ट्रेन डिपो में आएगी या डिपो से ट्रैक पर जाएगी कंट्रोल रूम में डिस्प्ले बोर्ड पर दिखी जा सकेगी। पीएसी मैदान में ही दूसरी तरफ ट्रेन मेंटेनेंस के लिए शेड बनेंगे। यहां एक बार में 10 ट्रेन खड़ी हो सकेंगी। इसके बराबर से ही वर्कशॉप प्लेटफार्म बनेगा। ट्रेन संचालन के लिए तैयार होने के बाद वर्कशॉप से निकल कर ताजमहल स्टेशन आएगी। यहां से सिकंदरा व ताजपूर्वी गेट स्टेशन के लिए संचालित होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
16 घंटे चलेगी ट्रेन, 8 घंटे डिपो में रहेगी
मेट्रो ट्रेन सेवा 24 घंटे नहीं मिलेगी। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक मेट्रो ट्रैक पर चलेंगी। जबकि रात 10 बजे के बाद डिपो में मेंटेनेंस व अन्य कार्यों के लिए जाएगी। आठ घंटे ट्रेन डिपो में रहेंगी। यहां प्रतिदिन इनकी सफाई, धुलाई व मरम्मत होगी। फिर इन्हें ट्रैक पर संचालित किया जाएगा।
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फतेहाबाद मार्ग पर हो रहा मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
वॉशिंग प्लांट के लिए टेंडर जारी
मेट्रो डिपो में ट्रेनों की धुलाई स्वचालित वॉशिंग प्लांट से होगी। वॉशिंग प्लांट के लिए यूपीएमआरसी ने टेंडर जारी कर दिए हैं। फर्मों की तकनीकी व वित्तीय स्थिति जांच के बाद टेंडर खोले जाएंगे।
आगरा मेट्रो: फतेहाबाद मार्ग पर हो रहा कार्य
- फोटो : अमर उजाला
आगरा मेट्रो नोएडा और दिल्ली मेट्रो के मुकाबले न केवल रफ्तार में तेज होगी बल्कि आरामदायक भी ज्यादा होगी। इससे ज्यादा आधुनिक बनाया जाएगा। यह कहना है उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक केशव कुमार का। उन्होंने बताया कि सबसे पहले ताज पूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक का प्राथमिक सेक्शन तैयार होगा। यह पहले कॉरीडोर का हिस्सा है। प्रथम कॉरीडोर ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तक होगा।आगरा मेट्रो में एलईडी डिसप्ले होगा जो दिल्ली और नोएडा से बेहतर होगा। इसमें सिग्नल सिस्टम भी एडवांस लगाया जाएगा। इसकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक ( टॉप स्पीड में ) होगी। आगरा मेट्रो के स्टेशन 77 मीटर लंबे होंगे। एक ट्रेन में तीन कोच होंगे। इसे लखनऊ मेट्रो के मॉडल पर तैयार किया जाएगा। मेट्रो कोच की डिजाइन भी एकदम अलग होगी।