आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही कार हादसे का शिकार हुई, जिसमें शीशा टूटने से तीन युवक करीब 30 फीट नीचे जा गिरे और उनकी मौत हो गई। सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने पहले भी एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री और यूपीडा के अधिकारियों से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की थी।
आगरा- लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रफ्तार का कहर जारी है। आए दिन लोगों की जान जा रही है। इसके बावजूद वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के इंतजाम हैं न ही कार्रवाई का कोई डर नजर आ रहा है।
शुक्रवार रात हादसे का शिकार हुई हुंडई क्रेटा कार की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी। यही वजह रही कि टक्कर के बाद शीशा टूटने से तीन युवक उछलकर 30 फीट नीचे पत्थरों पर जा गिरे थे और उनकी जान चली गई। सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन का कहना है कि वह लखनऊ एक्सप्रेस वे पर होने वाले हादसों के संदर्भ में चिंता व्यक्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उचित उपाय करने की मांग की थी।
10 नवंबर 2025 को यूपीडा के लखनऊ स्थित मुख्यालय पर आयोजित बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के सामने कुछ मुद्दों को उठाया था। हादसों के आंकड़े भी दिखाए थे। बताया गया था कि 54.7 प्रतिशत दुर्घटनाओं का कारण चालक की थकान है। 70 प्रतिशत हादसे रात में होते हैं। चालकों के लिए विश्राम गृह नहीं हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को स्पीड कॉरिडोर नहीं, सेफ्टी कॉरिडोर बनाना होगा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर दिया। तेज रफ्तार कार पहले डिवाइडर से टकराई और इसके बाद कई बार पलटती हुई आगे बढ़ी। हादसे के दौरान कार की पिछली सीट पर बैठे तीन सवारियां खिड़कियों से बाहर निकलकर इतनी दूर जा गिरे कि एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा जाली तक को पार कर गए। पत्थरों पर गिरने से तीनों की मौत हो गई।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पलटी कार, तीन की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे के इस भयावह मंजर को देखने वाले नगला देवहंस निवासी रमेश पुत्र लोटन सिंह ने बताया कार की रफ्तार बहुत तेज थी। कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलटती चली गई। पीछे की सीट पर बैठे तीनों युवक खिड़कियों से बाहर निकलकर हवा उछल गए। उनकी आंखों के सामने तीनों लोग हवा में काफी ऊपर तक जाते दिखाई दिए और फिर एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा जाली को पार करते हुए नीचे पत्थरों पर जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शी रमेश के अनुसार, हादसे के दौरान किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ पल के भीतर ही सब कुछ बदल गया। कार पलट रही थी और पीछे बैठे तीनों लोग उससे निकलकर हवा में उछल गए। वह दृश्य देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे तीनों हवा में उड़ रहे हों। रमेश ने बताया कार में चालक और उसके बगल में बैठा व्यक्ति कार के अंदर ही रहे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
डिवाइडर से 20 मीटर तक घिसटने के बाद कई बार पलटी कार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार पहले डिवाइडर से टकराई। इसके बाद करीब 20 मीटर तक घिसटती हुई कई बार पलटी। हादसे के दौरान कार सवार पीछे बैठे तीनों लोग करीब पांच फीट तक हवा में उछलते हुए एक्सप्रेस-वे पर लगी जाली के ऊपर से नीचे खाई में जा गिरे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पलटी कार, खाई में गिरे तीन युवकों की मौत
आगरा के फतेहाबाद थाना डौकी क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पीछे की सीट पर बैठे तीन युवक छिटककर करीब 60 फीट गहरी खाई जा गिरे। पत्थरों पर गिरने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। चालक समेत दो लोग घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस, यूपीडा और फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों की मदद से खाई से शवों को बाहर निकाला।
घायलों को सीएचसी फतेहाबाद भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया गया। हादसा सुबह करीब 7:15 बजे हुआ। दिल्ली के पालम गांव निवासी यशवंत कुमार कार से अपने रिश्तेदार बलिया के सहतवार में जयप्रकाश के गाव मंगित छाप जा रहे थे। उनके साथ दिल्ली के दुर्गा पार्क के और मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली निवासी चंद्रकांत खिरवार बैठे थे।
पीछे की सीट पर दिल्ली के सागरपुर निवासी भूपेंद्र,जयप्रकाश और जयप्रकाश के गांव के कपिल बैठे थे। पांचों की दोस्ती थी। पुलिस के मुताबिक डौकी थाना क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 15.400 पर कार की रफ्तार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा होने के कारण चालक यशवंत कार से नियंत्रण खो बैठा। कार डिवाइडर से टकराने के बाद कई बार पलटी।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पलटी कार, तीन की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीछे की सीट पर बैठे भूपेंद्र, कपिल और जयप्रकाश कार का पिछला शीशा तोड़कर हवा में उछलते हुए एक्सप्रेस-वे से नीचे करीब 60 फीट गहरी खाई में जा गिरे। पत्थरों पर गिरने से तीनों की मौत हो गई। मृतकों में भूपेंद्र (32) पुत्र दलबीर सिंह निवासी आरजेड-107 (जीएफ), गली नंबर चार, दुर्गा पार्क, पालम गांव, नई दिल्ली, कपिल (30) पुत्र सुरेश निवासी सागरपुर, दिल्ली और जयप्रकाश (29) पुत्र ओमप्रकाश खरवार निवासी बलिया हैं।
वहीं कार चालक यशवंत (25) पुत्र संजय खरवार निवासी आरजेडसी-18(बी), पालम गांव, नई दिल्ली और चंद्रकांत (35) पुत्र उमाकांत निवासी आरजेडसी-18(बी), गली नंबर 11(डी), दुर्गा पार्क, दिल्ली घायल हो गए। हादसे के बाद कार एक्सप्रेस-वे पर सीधी खड़ी हो गई थी, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। घटना के समय गांव नगला देवहंस निवासी रमेश सिंह शौच के लिए जा रहे थे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
जानकारी होते ही डौकी पुलिस, यूपीडा और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से खाई में पड़े तीनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र और एडीशनल डीसीपी ट्रैफिक अल्का भी मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी ली। बताया जाता है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां एक्सप्रेस-वे पर ढलान है। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार अधिक होने के कारण ढलान पर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और पलट गई।