आगरा में एक ओर कोरोना कर्फ्यू है और पुलिस बेवजह बाहर निकलने वालों के चालान करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी और वारदात का सिलसिला थम नहीं रहा है। दिनदहाड़े घर में घुसकर चिकित्सक से लूट पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। लूट से पहले बदमाश दो दिन में दो बार घर आ चुके थे, तीसरी बार में वारदात को अंजाम दिया। जबकि सिकंदरा पुलिस थाना वारदात स्थल से महज 500 मीटर दूर है। केके नगर में डॉक्टर रजनीकांत शर्मा के घर में लूट करने आए बदमाशों को कोई डर नहीं था। उन्होंने परिवार को बंधक बनाने के बाद जान से मारने की धमकी दी। उनसे कहा कि जल्दी से चाबियां निकालो, नहीं तो गोली मार देंगे। इससे परिवार दहशत में आ गया। बदमाशों ने उनके मोबाइलों को भी कब्जे में ले लिया। सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। एक घंटे तक रुकने के बाद भागे। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दो दिन में तीन बार ये बदमाश डॉक्टर के घर आए थे।
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डॉक्टर रजनीकांत शर्मा का मकान
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर रजनीकांत शर्मा की पत्नी कामिनी ने बताया कि उन्होंने 15 दिन पहले अपना एक सौ गज का मकान बेचा था। इस कारण घर में रकम रखी हुई थी। वहीं दूसरा मकान अकबर टूम के पास है। इस मकान में किरायेदार रहते हैं। वह इस मकान को भी बेचना चाह रहे थे। इसके लिए कई लोगों को बोल रखा था।
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आगरा लूटकांड: पीड़ित डॉक्टर के घर के बाहर पुलिस
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रविवार को तीन युवक घर पर आए थे। डॉक्टर के पिता छविराम शर्मा से मकान के सौदे की बात की। उन्होंने 15 लाख रुपये में मकान बेचने की बात कही। इस पर युवकों ने सोमवार को आकर बात करने की बोल दिया। सोमवार दोपहर 12 बजे चार युवक आ गए। उस समय डॉ. रजनीकांत घर में नहीं थे। कामिनी ने उनसे मना कर दिया।
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आगरा लूटकांड: पीड़ित परिवार
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कामिनी के ससुर छविराम भी आंखों को दिखाने डॉक्टर के पास गए थे। कामिनी के पिता हरिशंकर शर्मा और मां शकुंतला थीं। हरिशंकर शर्मा ने तीन बजे आने के लिए बोल दिया। यह सुनकर बदमाश वापस चले गए। चार बदमाश ढाई बजे आ गए। तब भी डॉ. रजनीकांत पत्नी कामिनी को अल्ट्रांसाउंड कराने ले गए थे। मगर, उनके पिता ने चारों को बैठा लिया।
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आगरा लूटकांड: पीड़ित परिवार
- फोटो : अमर उजाला
सवा तीन बजे डॉक्टर आए। तब बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। बदमाश परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस कारण सभी डर गए। इस कारण विरोध नहीं कर सके। कामिनी शर्मा ने बताया कि बदमाश उनके हाथ और मुंह भी टेप से बांधना चाहता था। मगर, उन्होंने कहा कि वह गर्भवती हैं। अगर, मुंह बांध देंगे तो उनकी तबीयत खराब हो जाएगी। इस पर एक बदमाश ने मना कर दिया। उसके साथी ने उन्हें नहीं बांधा। बाकी लोगों को मुंह टेप से बंद कर दिया।
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आगरा लूटकांड: पीड़ित महिला
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बदमाश कामिनी से चाबियों के बारे में पूछने लगे। चाबियां उनके पति को पता थी। उन्होंने कहा कि पता नहीं है। इस कारण बदमाश पति को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद डॉ. रजनीकांत ने चाबियां बैग में होने के बारे में बता दिया। बदमाशों ने अलमारी के साथ ही कमरों की तलाशी ली। पहली मंजिल पर भी कमरों को चेक किया। जो मिला उसे समेटकर ले गए।
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डॉक्टर रजनीकांत शर्मा का मकान
- फोटो : अमर उजाला
केके नगर में डॉक्टर के घर के आसपास कई दुकान और घर बने हुए हैं। पुलिस ने कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि बदमाश पैदल आए थे। इसलिए उनके आने-जाने वाले रूट को चेक किया जा रहा है। इसके अलावा हाल में डॉक्टर का मकान कौन-कौन देखने आया। इसके बारे में भी पता किया जा रहा है।
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आगरा लूटकांड: डॉक्टर से जानकारी लेती पुलिस
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पुलिस को आशंका है कि लूट की वारदात में किसी जानकार का हाथ है। क्योंकि डॉक्टर ने अपना मकान बेचने के बारे में कुछ लोगों को बता रखा था। कई लोग मकान भी देखने आए थे। बदमाशों ने डॉक्टर के आने का इंतजार किया था। उन्हें पता था कि घर में परिवार के पांच ही सदस्य हैं। बदमाशों को डर होगा कि अगर, लूट करते समय कोई आया तो पकड़े जा सकते हैं।
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डॉक्टर के मकान में जांच करते पुलिस अधिकारी
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थाना सिकंदरा से केके नगर कॉलोनी की दूरी तकरीबन 500 मीटर है। पुलिस की गश्त भी रहती है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पहले भी चोरी और लूट की वारदात हो चुकी हैं। इसके बावजूद पुलिस मुस्तैद नहीं है।
80 वर्षीय छविराम शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बदमाश बार-बार गोली मारने की धमकी दे रहे थे। इस कारण उन्होंने कोई विरोध नहीं किया। उनसे यही कहा कि जो लेना है वो ले लो। उनकी बोली आसपास के जिले की लग रही थी। दो बदमाश जींस और शर्ट पहने थे। एक बदमाश लोअर पहने हुए था। चौथा जींस-टीशर्ट में था। सभी ने दोहरे मास्क लगा रखे थे। उनकी उम्र भी ज्यादा नहीं थी। तकरीबन 30 से 35 साल के बीच के थे। बदमाश हिंदी के साथ ही अंग्रेजी के शब्द भी बोल रहे थे। एक बदमाश ने बैग से तमंचा और टेप निकाला था, जबकि तीन बदमाशों ने हथियार अपनी जींस में छिपाकर रखे थे।