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UP: पेट में कीचड़... कई घंटे पानी में रहने से अकड़ गए शव, सामने आया मौत का ये कारण; नदी में डूबकर तोड़ा दम

Sat, 04 Oct 2025 12:55 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा की उटंगन नदी में डूबने वाले लोगों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया। सभी की मौत दम घुटने से हुई। मृतकों के पेट में कीचड़ मिला है। कई घंटे पानी में रहने से शव अकड़ गए।
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Agra incident - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में उटंगन नदी में डूबे पांच युवकों के शवों को लाया गया। चिकित्सकों ने शवों का पोस्टमार्टम किया। इसमें दम घुटने से मौत की वजह सामने आई। साथ में पेट में कीचड़ निकला। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है।

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात ओमपाल, गगन, मनोज का पोस्टमार्टम हुआ। शुक्रवार को भगवती और अभिषेक का पोस्टमार्टम किया गया। इन सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है। फेफड़ों में झाग मिला। सांस नली, गले में कीचड़ भरा था। 
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13 लोगों के नदी में डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घंटों पानी में रहने से अकड़ गए थे शव
पेट में भी कीचड़ और पानी भरा मिला। घंटों पानी में रहने से शव अकड़ गए थे। रंग भी सफेद पड़ गया था। सभी की रिपोर्ट शासन को भेजी है। शवों के पोस्टमार्टम करने के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। इसमें चिकित्सक और फार्मासिस्ट हैं।
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13 लोगों के नदी में डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम हाउस पर गूंजते रहे सायरन, नहीं थमीं सिसकियां
सायरन की आवाज आते ही परिजन उसकी और दौड़ पड़ते। शव जैसे ही बाहर निकालते परिजन दहाड़ मारकर रोने लगते। पड़ोसी उनको ढांढस बंधाते हुए संभालने की कोशिश करते। शव अंदर रखने के बाद अपनों का नाम लेकर परिजन सिसकियां भरने लगते। पोस्टमार्टम हाउस पर इस हृदयविदारक दृश्य से हर कोई दुखी दिखा।
 

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13 लोगों के नदी में डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृहस्पतिवार की रात से शवों को लाने का सिलसिला शुरू हुआ। एंबुलेंस में एक-एक करके शुक्रवार की दोपहर तक पांच शव लाए गए। इनके परिजन पहले ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। शवों को देखते ही परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक किसी के भाई तो किसी के बेटे थे। 

 
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13 लोगों के नदी में डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इनका नाम लेकर परिजन सिसकियां भर रहे थे। इनकी हालत देख हर किसी का मन व्यथित हो गया। पड़ोसी उनको बार-बार ढांढस बंधाते, लेकिन जवान मौत का बोझ परिजन बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। मृतक के परिजन मुकेश कुमार ने बताया कि मेरे दो चचेरे भाई डूब गए हैं। 

 
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13 लोगों के नदी में डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें से भगवती का शव मिल गया है। इनकी शादी छह महीने पहले ही हुई थी। दूसरा भाई हितेंद्र सिंह भी नदी में डूब गया है, इसका शव अभी तक नहीं मिला है। मूर्ति विसर्जन के बाद ये दूसरी ओर नहाने के लिए चले गए। शुरू में तीन-चार फीट पानी था, लेकिन एकदम 40 फीट गहरे गड्ढे में सभी समा गए।
 
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नदी में डूबे लोगों की तलाश करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने नहाने से किया मना, तो दूसरी तरफ ट्रैक्टर लेकर पहुंचे
आगरा के कुसियापुर निवासी यादव खेती करते हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां थे। एक बेटी रेखा की 2017 में शादी हो गई। गगन 22 सबमर्सिबल मैकेनिक का काम करता था। हरेश ने इस साल आईटीआई के पेपर दिए थे। छोटी बहन पूजा ने स्नातक पास किया है।

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नदी में इसी जगह मूर्ति विसर्जन किया गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूजा ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे वह भी अपने भाइयों के साथ खेरागढ़ उटंगन नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में कलश लेकर गई थी। 
पुलिस के पास विसर्जन करने पहुंचे तो पुलिस ने नहाने से मना कर दिया।

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नदी के किनारे मौजूद पुलिस और भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर गांव के अन्य लोग ट्रैक्टर को पीछे घुमाकर ले गए। तब उन्होंने भाइयों से कहा था कि आप दोनों विसर्जन करके आओ में आपके नहाने के लिए पानी भरकर रख लूंगी। उन्हें क्या पता था कि भाइयों से आखिरी बार बात हो रही है। दोपहर 2 बजे 13 लोगों के डूबने की सूचना मिली।

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विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह अपने पिता यादव सिंह और मां प्रेमवती के साथ घटना स्थल पर पहुंची। वहां देखा तो चीख पुकार मची हुई थी। रात 2 बजे तक वह भी भाइयों के आने के इंतजार में बैठी रही। मगर 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके भाइयों का पता नहीं चल सका।

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बोट को लाती पुलिस और ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक साथ जलीं 5 चिताएं, नहीं सुलगे चूल्हे
दो दिन पहले तक जहां पर मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां आज करुण क्रंदन और आंखों में आंसू हैं। शुक्रवार शाम को एक-एक करके 5 के शव आए तो गांव कुसियापुर के लोगों का कलेजा ही फट पड़ा। हर तरफ अपनों के जाने का गम। रोते-बिलखते परिजन को संभालने वालों के भी आंसू निकलने लगे। एक साथ 5 चिताएं जलीं तो हर आंख नम हो गई। दो दिन से गांव के घरों में चूल्हे भी नहीं सुलगे हैं।

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नदी के किनारे मौजूद ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक ओमपाल के घर का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। उनका 5 वर्षीय बेटा वरुण जहां बार-बार घर में पिता को ढूंढ रहा था, वहीं, छह माह के बेटे लोकेंद्र को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो पिता के सीने से लगने का इंतजार कर रहा हो। लेकिन दोनों के सिर से पिता का साया उठ चुका था।

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विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के ही यादव सिंह के दोनों बेटे गगन और हरेश भी हादसे का शिकार हो गए। इनमें गगन का शव घर पहुंचते ही परिजन बेहाल हो गए। मां प्रेमवती गश खाकर गिर पड़ी। हरेश अभी लापता है। अभिषेक के घर का भी बुरा हाल था। अभिषेक घर का इकलाैता चिराग था।

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गमगीन बैठी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माैत की सूचना मिलते ही उसकी मां की हालत बिगड़ गई। वह पहले ही अस्पताल में भर्ती थीं। भगवती का शव देखते ही पत्नी चंचल रोने लगी और बेसुध हो गई। किसी तरह परिवार के लोगों ने उसे संभाला।

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गमगीन बैठी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसकी आठ महीने पहले ही अभिषेक से शादी हुई थी। वहीं, 15 वर्षीय मनोज का शव देखकर मां राजन देवी भी फूट-फूटकर रोने लगीं। उसकी बहन शीला बेसुध होकर गिर पड़ी। पड़ोसी व रिश्तेदारों ने उनको संभाला।

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गमगीन बैठी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार देर शाम सभी पांचों का अंतिम संस्कार नदी किनारे सरकारी भूमि पर किया गया। अभिषेक को उनके चचेरे भाई रोहित, ओमपाल को उनके बेटे वरुण, भगवती को छोटे भाई हरिओम, गगन को चचेरे भाई आकाश और मनोज को बड़े भाई पंकज ने मुखाग्नि दी। गांव में एक साथ 5 चिताओं के जलता देख हर आंख नम हो गई। घटना से आसपास के क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। घरों में चूल्हे भी नहीं सुलगे हैं।

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नदी में 13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कब क्या हुआ
- बृहस्पतिवार दोपहर 1 बजे - 13 लोग डूबे थे, एक विष्णु को माैके पर बचा लिया गया। 12 का पता नहीं चला।
- रात 9 बजे - गगन, ओमपाल और मनोज के शव निकाल लिए गए थे।
- शुक्रवार सुबह 6 बजे एसडीएम की गाड़ी को लोगों ने घेर लिया। ईंट मारकर शीशा तोड़ दिया।
- सुबह 7 बजे - ऊंटगिरि चौराहे पर लोगों ने जाम लगा दिया। बाद में कागाराैल चाैराहे पर भी पहुंच गए।
- सुबह 8 बजे - अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाया। इसके बाद ही जाम खोला जा सका।
- सुबह 9 बजे - एनडीआरएफ की टीम पहुंची।
- सुबह 11 बजे - भगवती का शव मिला। पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
- दोपहर में 12:15 बजे - अभिषेक का शव मिल गया।
- दोपहर में 1 बजे - नदी में डूबे 7 और लोगों के नहीं मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने फिर से जाम लगा दिया।
- दोपहर में 1:30 बजे - पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर जाम खुलवाया।
- दोपहर 2:30 बजे - सेना की टीम पहुंची। 19 सदस्यीय दल ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
- शाम 7:30 बजे - गांव में शव पहुंचे। यह देखकर कोहराम मच गया।
- रात - 9 बजे - पांचों का हुआ अंतिम संस्कार।
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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा हादसे में जनहानि पर सीएम ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे का संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए। साथ ही, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। सीएम ने हादसे में मृत लोगों ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की।
 
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