आगरा के आर मधुराज हॉस्पिटल में आग लगने की घटना में डायरेक्टर राजन, उनकी बेटी सिमरन उर्फ शालू और बेटे ऋषि की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद हर कोई स्तब्ध है। हॉस्पिटल के संचालक राजन सिंह को मरीज और तीमारदार डॉक्टर ही मानते थे। आसपास रहने वाले लोग भी राजन को डॉक्टर साहब कहकर ही बुलाते थे। यहां तक की अस्पताल के अंदर लगे बैनर पर संचालक का नाम डॉ. राजन सिंह और पद डायरेक्टर लिखा हुआ है।
पिता गोपीचंद के मुताबिक राजन सिंह बीए उत्तीर्ण थे। वह कंपाउंडर रह चुके थे। जब से अस्पताल बना उसका संचालन देख रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अस्पताल डॉ. इशू शर्मा (फिजीशियन) के नाम से पंजीकृत है। डॉ. इशू शर्मा की डिग्री एमबीबीएस व एमडी हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आग लगने की सूचना पर वह अस्पताल पहुंचे तो डॉ. इशू शर्मा मौके पर मिले। उन्होंने यह बात स्वीकार किया कि वह आर मधुराज हॉस्पिटल में ही प्रेक्टिस करते थे।