उत्तर प्रदेश के आगरा में तेज रफ्तार कार की टक्कर से पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। शवों को देख परिजन बेसुध हो गए। दृश्य देख हर किसी की आंख नम हो गई।
आगरा के थाना न्यू आगरा के नगला बूढ़ी में शुक्रवार रात कार की टक्कर से 5 लोगों की मौत और 2 के घायल होने की घटना के बाद शनिवार को माहौल गमगीन और तनावपूर्ण रहा। किसी भी तरह का हंगामा रोकने के लिए पुलिस और पीएसी ने केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड पर नगला बूढ़ी चौराहे से मृतकों के घर तक के क्षेत्र को छावनी में तब्दील किए रखा। पुलिस की निगरानी में शवों को पोस्टमार्टम से मोहल्ले तक लाया गया और फिर उनके अंतिम संस्कार कराए गए। उधर, न्यू आगरा पुलिस ने आरोपी कार चालक को हिरासत में ले लिया है। वह नोएडा की एक कंपनी में इंजीनियर है और दिवाली पर छुट्टी मनाने घर आया था।
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आगरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले में मृतक भानु प्रताप मिश्रा के पिता कांति प्रसाद मिश्रा की तहरीर पर न्यू आगरा थाना में चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि आरोपी कार चालक को हिरासत में ले लिया गया है। नशे की पुष्टि के लिए भी रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि अभी रिपोर्ट नहीं आई है। केस में लापरवाही से वाहन चलाने से लोगों की मृत्यु कारित करने की धारा लगाई गई है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस में अन्य धारा की वृद्धि की जाएगी।
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परिजनों में मचा कोहराम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी अंकुश गुप्ता दयालबाग के राजदीप एन्क्लेव में रहता है। नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह दिवाली पर छुट्टी मनाने के लिए घर आया हुआ था। दो दिन बाद जाने वाला था। उससे पहले ये हादसा हो गया। शुक्रवार रात में दयालबाग रोड पर आया था। इसके बाद उसकी कार से सबसे पहले बाइक सवार को टक्कर लगी थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह निजी काम से महर्षिपुरम जा रहा था। कोई विशेष जानकारी नहीं दी। उसके मोबाइल को भी चेक किया गया। परिजन से भी पूछताछ की गई। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं निकला है।
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आगरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
दयालबाग से केंद्रीय हिंदी संस्थान वाले मार्ग पर शुक्रवार रात करीब 8 बजे जतिन रिसॉर्ट के सामने एक तेज रफ्तार कार ने डिलीवरी बॉय आवास विकास कॉलोनी निवासी भानु प्रताप मिश्रा को टक्कर मार दी थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद भी चालक ने कार को नहीं रोकी और करीब ही चेकिंग कर रही पुलिस की डर से कार की रफ्तार तेज करते हुए लोगों को टक्कर मारता रहा।रास्ते से गुजर रही नगला बूढ़ी निवासी बबली, उनके बेटे गोलू, दो दोस्त कमल व कृष्णा उर्फ कृष और बंटेश को चपेट में ले लिया था। बाद में कार डिवाइडर से टकराने के बाद घर के बाहर बैठे राहुल सहित अन्य पर गिर गई थी।
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आगरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों ने कार में फंसे चालक राजदीप एन्क्लेव, दयालबाग निवासी अंकुश गुप्ता को शीशा तोड़कर बाहर निकाला था। हादसे में राहगीर बंटेश, कमल, कृष, भानु प्रताप और बबली की मौत हुई थी। वहीं राहुल और गोलू गंभीर रूप घायल थे। राहुल के रिश्तेदार देवेंद्र और वीरेंद्र के हाथ पलटी हुई कार को उठाने में साइलेंसर से झुलस गए थे।घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने हंगामा कर मोहल्ले के पास स्थित शराब के दो ठेकों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। आरोप लगाया कि शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। शराब खरीदने के बाद लोग बाहर ही खड़े होकर पीने लगते हैं। इससे आते-जाते लोगों को परेशानी होती है। आरोपी चालक पर भी शराब पीने और नशे में कार दौड़ाने का आरोप लगाया गया था।
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आगरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गमगीन माहौल में हुआ पांचों शवों का अंतिम संस्कार
थाना न्यू आगरा के नगला बूढ़ी में लोगों के आक्रोश को देखते हुए मोहल्ले और पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिस बंटेश, कमल और क्रिश के शव को अर्थी पर रखकर पोस्टमार्टम से परिजन के साथ घर लाई थी। जबकि बबली और भानू के शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद गमगीन माहौल में सभी का अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार दोपहर को पांचों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। बंटी, कमल और कृष्णा का अंतिम संस्कार दयालबाग स्थित पोइया घाट पर किया गया। पोस्टमार्टम हाउस से पुलिस की मौजूदगी में इन तीनों के शवों को अर्थी पर रखकर लाया गया था। घर पर 5 मिनट रुकने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। कुछ लोगों ने विरोध का प्रयास किया। मगर पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक न चल सकी। वहीं आवास विकास कॉलोनी निवासी भानु प्रताप का ताजगंज, श्मशान घाट और बबली का अंतिम संस्कार सादाबाद के मिढ़ावली गांव में किया गया। वह वहां की रहने वाली थी। मगर कई साल से मायके में रह रही थी।