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तस्वीरें: 16 वर्षों से आगरा किले में 'कैद' है सीरिया के कांच से चमचमाता शीश महल

Fri, 02 Aug 2019 03:30 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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शीश महल के दरवाजे पर लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
फिल्म मुगल-ए-आजम के गीत 'प्यार किया तो डरना क्या' में कांच के टुकड़ों से जिस शीश महल का सेट बनाया गया था, आगरा किला में मौजूद वो शीश महल 16 साल पहले तालों में ऐसे कैद किया गया कि पर्यटक इसका दीदार नहीं कर पा रहे। पूर्व में पर्यटकों के लिए खुले शीश महल के कांच जब खुरचे जाने लगे तो एएसआई ने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के आदेश पर यहां 2003 में पर्यटकों का प्रवेश ही बंद करा दिया। संरक्षण के नाम पर तब से बंद किया गया शीश महल अब तक खोला ही नहीं गया। कभी-कभार किसी वीआईपी के आगमन पर इसे जरूर खोला जाता है। पर्यटन उद्यमियों का भी कहना है इसके खुलने से आय और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
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आगरा किला
मरम्मत और संरक्षण के नाम पर आगरा के किले में केवल शीश महल ही नहीं, बल्कि कई धरोहरों को आम पर्यटकों से दूर कर दिया गया है। जिस किले में शहंशाह शाहजहां को उसके बेटे औरंगजेब ने जिस मुसम्मन बुर्ज में कैद किया, ठीक उसी के सामने शीश महल भी 16 साल से कैद है। 1987 से मोती मस्जिद, 2003 से शीश महल में पर्यटकों का प्रवेश बंद है। दीवान-ए खास और मुसम्मन बुर्ज जाली लगाकर बंद कर दिया गया। पर्यटक दूर से ही इन्हें देख सकते हैं। रतन सिंह की हवेली, मीना बाजार, शिवाजी की कथित जेल का संरक्षण 12 साल पहले ही किया जा चुका है, लेकिन इन्हें खोला नहीं जा रहा। 
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आगरा का शीश महल - फोटो : अमर उजाला
शाहजहां ने 1631-40 के बीच तामीर किए गए शीश महल के लिए सीरिया के हलब से कांच मंगवाया था, जिसे शीशा-ए-हलबी नाम दिया गया। किले का शीश महल ही इसका सबसे खास स्मारक है, जो विदेशी सैलानियों को विस्मित करता रहा है। मुगल बादशाह शाहजहां ने दिल्ली और लाहौर के किले में भी शीश महल बनवाया, लेकिन वो आगरा से बेहतर नहीं है। 12×7 मीटर के दो कमरों वाले शीश महल में गर्म और ठंडे पानी के टैंक और फौव्वारे इसे हर मौसम के लिए खास बनाते हैं।

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शीश महल में लगा कांच - फोटो : अमर उजाला
यूनेस्को द्वारा घोषित किए गए वर्ल्ड हेरिटेज आगरा किले में 75 फीसदी हिस्सा सेना के कब्जे में हैं, जहां सलीमगढ़ और मीना बाजार भी संरक्षण के बाद अब तक पर्यटक नहीं देख पा रहे। शहर के टूर आपरेटरों और गाइडों के पास विदेशी पर्यटकों की सबसे ज्यादा डिमांड शीशमहल की है। होटल एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान के मुताबिक सुरक्षा और खरोचने का बहाना बनाकर एएसआई शीश महल बंद किए हुए है। यह जीवंत इतिहास है जो पर्यटकों तक नहीं पहुंच रहा।
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शीश महल में लगा कांच - फोटो : अमर उजाला
एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष शमशुद्दीन का कहना है कि दो सुरक्षा गार्ड लगाकर शीश महल गंभीर पर्यटकों के लिए खोल देना चाहिए। भले ही इसके लिए ताज की तरह अलग से टिकट लगा दिया जाए। युवा सैलानियों को तो अब पता ही नहीं कि किले में शीश महल भी है। एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि 2014 में पुरातत्व महानिदेशक के आदेश पर शीश महल को बंद किया गया है। संरक्षण के बाद खोलने का निर्णय वहीं से संभव है। 
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