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Agra News: 'तभी होगी बेटी की शादी...', चश्मे ने किया धर्मांतरण गिरोह बेनकाब, वीडियो देख पुलिस भी रह गई हैरान

Thu, 04 Sep 2025 12:04 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

Agra Conversion Case: आगरा में शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी प्रार्थनासभा में लोगों को बहाने से बुलाते थे। गैंग के पर्दाफाश के बाद अब चाैंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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Agra dharmantaran case - फोटो : अमर उजाला
आगरा के केदार नगर में हिंदू से ईसाई धर्मांतरण कराने वाले आठ लोगों की गिरफ्तारी में क्षेत्र के रहने वाले घनश्याम हेमलानी ने अहम भूमिका निभाई। आरोपी राजकुमार लालवानी ने उनका भी धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया था। इस पर उन्हें लगा कि इस तरह से सैकड़ों परिवार को शिकार बनाया जा रहा है। इसलिए उन्होंने सनातन धर्म को बचाने के लिए जासूस की तरह काम किया। दिल्ली से कैमरे वाला चश्मा खरीदकर लाए। बिना मोबाइल के प्रार्थना सभा में गए। चश्मे में लगे कैमरे से रिकाॅर्डिंग कर पुलिस के पास तक पहुंचा दी। इससे सारा सच सामने आ गया।
 
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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाला आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घनश्याम हेमलानी ने बताया 8 मई को कुछ महिलाएं उनकी पत्नी को बहलाकर कीर्तन में बीमारी दूर करने के बहाने से ले गईं। वहां उनके हाथ से कलावा काट दिया। कहा कि घर से देवी देवताओं की प्रतिमा भी फेंक दो। तभी बेटी की शादी और मकान मिल पाएगा। उन्होंने घर आकर पति को सारी बात बताई। इस पर वह 6 जुलाई को अपने साथ शाहगंज निवासी समाजसेवी सुनील कर्मचंदानी को इलाज के लिए लेकर गए। वहां दोनों के हाथ के कलावा और टीका हटा दिया। अंदर मोबाइल ले जाने से मना कर दिया। आरोपियों ने जल्द बीमारी दूर करने का आश्वासन दिया।सभा में मोबाइल लेकर जाने की इजाजत नहीं थी। 13 जुलाई को वह कमर में मोबाइल छिपाकर ले गए। कीर्तन के बाद मौन करने के दौरान थोड़ा सा वीडियाे बना लिया। डर से मोबाइल अंदर रख लिया। उन्हें डर था कि आरोपियों ने पकड़ लिया तो जाने से मार देंगे। 


 
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कुछ इस तरह कराया जाता था धर्मांतरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में सनातन धर्म को बचाने की ठानी। दिल्ली से कैमरे वाला चश्मा लेकर आ गए। कीर्तन में उससे आरोपियों की सारी गतिविधियों के वीडियो बना लिए। पुलिस को सौंप दिए। उन्होंने सुनील कर्मचंदानी के माध्यम से साक्ष्य पुलिस आयुक्त को दिखाए। तब पूरे प्रकरण का खुलासा हो गया।  आगरा में शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी प्रार्थनासभा में लोगों को बहाने से बुलाते थे। ईसाई धर्म अपनाने पर बीमारी और गरीबी दूर करने का झांसा देते थे। घर से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने का दबाव डालते थे। हाथों से कलावे कटवा देते थे। तिलक लगाने से रोक देते थे। मुख्य आरोपी भी चार साल पहले हिंदू से ईसाई बना था। इसके बाद अन्य लोगों का धर्म परिवर्तन कराने लगा। उसके संपर्क में कई और लोग हैं। उनके बारे में पुलिस पड़ताल में लगी है।


 

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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाला आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि इस मामले में केदार नगर निवासी घनश्याम हेमलानी ने पुलिस से शिकायत की थी। बताया कि उसे राजकुमार ने दो से तीन बार अपने घर बुलाया। इस दाैरान हाथ में बंधा कलावा खुलवा दिया। तिलक हटवा दिया। घर से मूर्ति हटाने के लिए कहा। इस पर उन्हें शक हो गया। घनश्याम की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी राजकुमार लालवानी चार साल पहले उल्लहास नगर, महाराष्ट्र गया था। यहां पर हिंदू से ईसाई बन गया। अपने घर आने के बाद धर्म परिवर्तन कराने लगा। लोगों को विश्वास में लेकर बीमारी ठीक करने के नाम पर यीशु का स्मरण कराता था। इसके बाद बाइबल पढ़ने को कहता था। इसी के नाम पर पैसा भी लेता था। बच्चों की अच्छी पढ़ाई व किसी क्रिश्चियन मिशनरी में नौकरी दिलाने की बात करता था। इससे लोग झांसे में आ जाते थे।

 
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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाले आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कलावे काट दो, तिलक मिटा दो...
पुलिस के मुताबिक, हिंदू से ईसाई बनने वालों को कभी भी कलावा नहीं पहनने दिया जाता था। तिलक भी नहीं लगाने देते थे। हर सभा में कलावा काटने और तिलक मिटाने की बात कहते थे। धर्म परिवर्तन करने वाले घर में मूर्ति नहीं रखते थे। इसके लिए मना कर दिया जाता था। जो लोग कीर्तन सभा में मांस खाकर खून पीते हैं, वह ईसाई बन जाते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें किसी तरह का प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता था। कई बार लोगों के कष्ट दूर करने के नाम पर रकम भी ली जाती थी। इससे जो फायदा होता था, उसे आरोपी आपस में बांट लिया करते थे।

 
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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाले आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गूगल मीट पर प्रार्थनासभा
धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार यूं ही धर्मांतरण नहीं करा रहा था। कई लोग रुपयों के लिए उसका साथ दे रहे थे। यह सभी अन्य लोगों को सभा में आने के लिए तैयार करते थे। गूगल मीट के माध्यम प्रार्थनासभा में जोड़ते थे। यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड करके ईसाई धर्म का प्रचार किया करते थे। सभा में कई शहरों के साथ ही स्पेन और दुबई के लोग भी जुड़ जाते थे। पुलिस ने आरोपी राजकुमार के पास से डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। इनमें कई लोगों के नाम और नंबर की जानकारी मिली है। उसकी पड़ताल की जा रही है।
 
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पुलिस आयुक्त दीपक कुमार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी सिटी ने बताया कि राजकुमार का साथ अनूप कुमार (पंचशील कालोनी, दाैरेठा), जयकुमार (राधे हाईट्स, शास्त्रीपुरम), अरुण कुमार (बारह खंबा, सराय ख्वाजा) और कमल कुंडलानी (राहुल ग्रीन, दयालबाग) और आरोपी तीन महिलाएं दिया करती थीं। सभी लोग अलग-अलग इलाके में जाते थे। गरीब और कम पढ़े लिखे लोगों से कहते थे कि एक बार सभा में आओगे तो बहुत लाभ होगा। सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। कीर्तन से आत्मा को शांति मिलेगी। रविवार को कोई व्यक्ति सभा में आ जाता था तो उसे हिंदू धर्म की मान्यताओं को नहीं मानने के लिए कहा जाता था। खाने में मीट भी परोसा जाता था। दावा किया जाता था कि अगर ईसाई धर्म अपना लोगे तो पूरे परिवार की बीमारी और कष्ट दूर हो जाएंगे। राजकुमार लालवानी भी लोगों को यीशु का चमत्कार दिखाकर अपने विश्वास में लेता था। महिला साथियों की मदद से झाड़-फूंक का नाटक करता था। बीमारी दूर करने के लिए कई बार लोगों से पांच से दस हजार तक लिए जाते थे।

 

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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चर्च ऑफ गॉड नाम से बनाया ग्रुप और चैनल
राजकुमार हर दिन प्रार्थना में शामिल होने के लिए गूगल मीट का लिंक शेयर करता था। इसके माध्यम से सभी एक साथ जुड़ते थे। इसके बाद सभा होती थी। उसने अपना व्हाट्सएप पर चर्च ऑफ गॉड नाम से ग्रुप बना रखा है। इसमें 86 सदस्य जुड़े हुए हैं। उसने चर्च ऑफ गाॅड नाम से अपना यूट्यूब चैनल भी बनाया है। इस पर वह रविवार के कार्यक्रम की वीडियो अपलोड करता था। इससे भी उन्हें फायदा हो रहा था। वह धार्मिक ग्रंथ बाइबल अनुयायियों को बांटता था। आरोपी राजकुमार ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह कई लोगों का धर्म परिवर्तन करा चुका है।

 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों से यह हुआ था बरामद
15 बाइबिल, तीन ईसाई गीतों की किताब, चार डायरी, आठ काॅपी व रजिस्टर, छह मोबाइल, दो लग्जरी कार और 13,165 रुपये।
 
इनकी हुई थी गिरफ्तारी
1. राजकुमार लालवानी, निवासी केदार नगर, शाहगंज।
2. अनूप कुमार, निवासी पंचशील काॅलोनी, दाैरेठा, शाहगंज।
3. कमल कुंडलानी, निवासी राहुल ग्रीन, दयाल बाग, न्यू आगरा।
4. जयकुमार, निवासी राधे हाइट्स, सिकंदरा।
5. अरुण, निवासी बारह खंबा, थाना शाहगंज।
तीन महिलाओं की भी गिरफ्तारी हुई है।

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