आगरा पुलिस ने बताया कि दीपक और राजकरन तुलसी नगर के रहने वाले हैं। दोनों दोस्त हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी लंबाई भी ठीकठाक है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि छिनैती की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में उनका नाम नहीं है। दोनों फौरन सिंह के दोस्त हैं। जल्दी अमीर बनने के लालच में वह घटना करने के लिए तैयार हुए। उनके हिस्से में 10-10 लाख रुपये आने थे। वारदात के बाद दोनों पहले दो-दो लाख रुपये लेकर गुजरात चले गए। दमन-दीव में मौज मस्ती की। तकरीबन एक-एक लाख रुपये खर्च करके आए। बृहस्पतिवार को बाकी रकम के लिए प्रमोद से संपर्क किया। तो पुष्पांजलि फेज-दो में बुलाकर दोनों को आठ-आठ लाख रुपये दे दिए गए। दीपक रकम लेकर बाइक से चला गया।
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मुठभेड़ में पकड़ा गया बदमाश दीपक
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी के गिरवी रखे जेवर छुड़ाए
फौरन सिंह मास्टर माइंड प्रमोद के चाचा लज्जाराम का बेटा है। उसका गांव में स्वीमिंग पूल है। लॉकडाउन के बाद से यह बंद पड़ा है। इस कारण फौरन सिंह पर कोई काम नहीं था। उसने कुछ दिन पहले पत्नी के जेवरात गिरवी रखकर कर्ज लिया था। लूट की रकम के नौ लाख रुपये से उसने पत्नी के जेवर छुड़ाए थे।
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मुठभेड़ में एक बदमाश गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
ट्रांसपोर्टर ने लूट की रकम से भरी किस्त
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरोपी प्रमोद के पिता छोटेलाल को पूरी घटना की जानकारी थी। छोटेलाल और उसके भाई लज्जाराम के सात-सात कैंटर हैं। लॉकडाउन में काम नहीं होने से कैंटर की किस्त नहीं चुका पा रहे थे। प्रमोद ने रकम लूटने के बाद अपने पिता को दस लाख रुपये दिए थे। इससे उन्होंने कैंटर की किस्त, दूध का बिल चुकाया था। चार लाख रुपये बैंक में भी जमा कर दिए थे। प्रमोद के घर से दो लाख रुपये ही बरामद किए गए हैं।
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पुलिस टीम के साथ एसएसपी बबलू कुमार और एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मिला सुराग
पुलिस को घटना के बाद सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मिले थे। इसमें बदमाश सुल्तानगंज पुलिया होते हुए रामबाग की ओर जा रहे थे। छलेसर से आगे नहीं गए थे। यहां भी पुलिस को फुटेज मिले। इस पर एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने फुटेज चेक किए। इसमें बदमाशों की बाइक नजर आई। यह बाइक इनर रिंग रोड होते हुए होटल रमाडा की तरफ आई थी। इससे पुलिस को अंदाजा हो गया कि बदमाश ताजगंज और डौकी क्षेत्र में कहीं गए हैं। क्षेत्र में पुलिस टीमें लगाई गईं। इधर छोटेलाल की ट्रांसपोर्ट और गुटका फैक्टरी पर भी टीमें लगाई गईं। ट्रांसपोर्टर के बेटे के नहीं आने पर शक हुआ तो उस पर निगाह रखी जाने लगी। सभी के इकट्ठा होने पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। एसएसपी बबलू कुमार ने घटना के खुलासे के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेेतृत्व में टीम को लगाया था।
यह हुई थी घटना
कावेरी कुंज फेस-दो निवासी व्यापारी ललित काठपाल 26 अगस्त की शाम को अपने भाई रिंकू उर्फ दिनेश काठपाल के साथ बाइक पर घर लौट रहे थे। रश्मि नगर में घर से 150 मीटर पहले बाइक सवार तीन बदमाशों ने रिंकू से कैश से भरा थैला लूट लिया था। विरोध करने पर ललित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस को रिंकू ने थैले में टिफिन बताया था। दो दिन बाद पुलिस को 10 लाख रुपये होने की जानकारी दी। चार दिन बाद पता चला कि रिंकू के पास वारदात के समय अलीगढ़ के गुटखा कारोबारी दिलीप गुप्ता के 40 लाख रुपये थे। एसएसपी बबलू कुमार ने घटना के खुलासे के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में टीम को लगाया था। सीसीटीवी फुटेज से सुराग मिला।