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UP: 'बचाओ... कोई बचाओ', खेत की मिट्टी में रह गए पैरों के निशान, कुछ टूटी चप्पलें; मातम में बदले माता के जयकारे

Fri, 03 Oct 2025 11:23 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने आए गांव कुसियापुर डूंगरवाला के 13 लोग गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक को बचा लिया। 
 
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आगरा में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
जहां हवा में रंग और गुलाल बरस रहा था। नाचते-गाते, भक्ति में सराबोर लोग मां जगदंबा की विदाई के लिए आए थे। प्रतिमा लेकर जैसे ही लोग नदी के अंदर गए। एक-एक कर डूबने लगे। नदी से चीख-पुकार गूंजने लगी। एक पल में माता के जयकारे मातम में बदल गए। अपनों की तलाश में बदहवास लोगों के आंसू उनकी पीड़ा बयां कर रहे थे।

खेरागढ़ स्थित डुंगरवाला रोड पर उटंगन नदी किनारे प्रतिमा विसर्जन के दौरान बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे 13 लोगों के डूबने से हाहाकार मच गया। लोग चीखते रहे कोई बचाओ... कोई बचाओ...। लेकिन, वहां बचाने वाला कोई नहीं था। महिलाएं विलाप करते हुए नदी किनारे ही खेत में बेसुध होकर गिर पड़ीं। 
 
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13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम पांच बजे तक गोताखोर नहीं पहुंचे थे। ग्रामीण ही बार-बार नदी में डूबे हुए लोगों को तलाशने के लिए गोता लगाते रहे। इस दौरान परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। राहत और बचाव दल नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। सूचना पर शाम 5.30 बजे बजे डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी घटना स्थल पर पहुंचे। 10 स्थानीय गोताखोर बुलाए गए। लेकिन, वो भी नदी में डूबे लोगों का रात 8 बजे तक पता नहीं लगा सके।

 
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13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खेत की मिट्टी में रह गए पैरों के निशान
जिस जगह हादसा हुआ, वहां खेत था। हादसे के बाद खेत की मिट्टी में सिर्फ पैरों के निशान थे। कुछ टूटी चप्पले थीं। जो डूबने के दौरान भगदड़ की गवाही दे रही थीं। गीले अंतर्वस्त्र पहने ग्रामीण थे। जो बार-बार नदी में कूदते और फिर मायूस होकर किनारे पर आ जाते। सैकड़ों ग्रामीणों का जमघट लग गया। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, डूबे हुए लोगों के जिंदा लौटने की उम्मीद भी टूटती गई।
 

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डूबते लोगों को बचाने वाला युवक भोला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भोला ने तैरकर बचाई लोगों की जान
जैसे ही लोगों ने डूबने पर चीखना शुरू किया। कुसियापुर निवासी भोला वहीं था। वह नदी की ओर दौड़ा और जैसे ही पानी गहरा हुआ तैरते हुए अंदर चला गया। भोला ने कई लोगों को बाहर निकाला। इसमें अमित की जान बच गई। ओमपाल व गगन को वह नहीं बचा सका। दोनों के शव नदी से निकले।
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मौके पर पुलिस और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात 8 बजे तक नहीं पहुंच सका आपदा बचाव दल
हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। लेकिन, रात 8 बजे तक राहत एवं बचाव के लिए विशेषज्ञ दल नहीं पहुंचा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि इटावा से राज्य आपदा नियंत्रण बल और पीएसी गोताखोरों की टीम बुलाई है। गहरे पानी में तलाश के लिए विशेषज्ञ गोताखोरों की जरूरत होती है। पुलिस व ग्रामीणों की मदद से 15 स्थानीय तैराक और गोताखोर रात 8 बजे तक नदी में डूबे लोगों की तलाश करते रहे।
 
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गगन का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौत के घाट पर खींच लाई जिंदगी
उटंगन नदी में जिस जगह हादसा हुआ, वहां कोई घाट नहीं था। इसलिए न वहां सुरक्षा इंतजाम थे, बैरिकेडिंग की गई थी। डीएम अरविंद बंगारी का कहना है कि उटंगन नदी पुल के पास विसर्जन घाट बनाया था। वहां पुलिस कर्मी तैनात थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैरिकेडिंग थी। लेकिन, प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे लोग निर्धारित स्थान पर नहीं गए। बल्कि, ऐसी जगह पहुंचे, जहां पानी गहरा था। गहरे पानी में प्रतिमा को विसर्जित करने के दौरान ही दुखद हादसा हुआ।

 
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मौके पर पहुंचे पुलिस अफसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि नदी में डूबने से होने वाली मौत पर दैवीय आपदा के तहत चार लाख रुपये आर्थिक सहायता का प्रावधान है। प्रति मृतक चार-चार लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित परिवार को दिलवाया जाएगा। खेरागढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष सुधीर गर्ग उर्फ गुड्डू ने कहा कि पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद के लिए शासन और प्रशासन तत्पर है। घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उटंगन में मूर्ति विसर्जन करते 13 डूबे, एक को बचाया, 3 की मौत
आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने आए गांव कुसियापुर डूंगरवाला के 13 लोग गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को बचा लिया। 

 

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गुस्साए लोगों ने लगाया जाम, ग्रामीणों को समझाते पुलिस अफसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डूबने वालों में पांच नाबालिग
डेढ़ घंटे बाद पुलिस की मदद से दो युवकों ओमपाल और गगन के शव निकाले गए जबकि देर रात एक अन्य किशोर मनोज का शव मिल गया। अब भी नौ का पता नहीं चल सका है। इनमें पांच नाबालिग हैं। दशहरा पर हुए इस हादसे से इलाके में मातम पसर गया।

 

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गुस्साए लोगों ने लगाया जाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नदी के पास नहीं थे सुरक्षा के कोई इंतजाम 
सूचना पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। पुलिस तैनात होती तो हादसा नहीं होता। गुस्साए लोगों ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम के नहीं पहुंचने पर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने पर 2 घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए।

 

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मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दशहरा पर मूर्ति के विसर्जन के लिए पहुंचे थे लोग
हादसा दोपहर एक बजे हुआ। खेरागढ़ के गांव कुसियापुर में चामड़ माता के मंदिर के पास नवरात्र में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई थी। दशहरा पर मूर्ति के विसर्जन के लिए गांव के 40-50 पुरुष, महिलाएं और बच्चे उटंगन नदी के पास पहुंचे। इनमें विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके (16), सचिन पुत्र रामवीर (26), गजेंद्र (17), मनोज (14), वीनेश (18), करन (21) और दीपक (15) गहरे पानी में चले गए।
 

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गुस्साए लोगों ने लगाया जाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अचानक बढ़ने लगी पानी की गहराई
ग्रामीणों के मुताबिक, अचानक पानी की गहराई बढ़ने लगी। इस पर सभी लोग डूबने लगे। यह देखकर किनारे पर खड़े ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई। मगर बचाव के साधन नहीं होने की वजह से वह लोग कुछ नहीं कर सके। बाद में कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत की और पानी में कूदकर विष्णु को बाहर निकाल लिया। हालत गंभीर होने पर उसे आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी रेफर कर दिया गया।

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आगरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
6 घंटे बाद पहुंची एसडीआरएफ की टीम
बाकी के डूबने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। करीब डेढ़ घंटे बाद ओमपाल और गगन को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। नदी में डूबे अन्य 10 की तलाश के लिए 6 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम पहुंची। पुलिस ने भी गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। देर रात मनोज का भी शव मिल गया। खबर लिखे जाने तक अन्य 9 लोगों की तलाश जारी थी।
 
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परिजनों में मचा कोहराम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थाना खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी के किनारे मूर्ति विसर्जन स्थल बनाया था जहां पर पुलिस की ड्यूटी लगी थी। मूर्ति विसर्जन स्थल से कुछ दूर आगे बीच नदी में जाकर लोगों ने मूर्ति विसर्जन किया। वहां पर कुछ लोग डूब गए। सूचना पर पुलिस पहुंची। स्थानीय गोताखोर और लोगों की मदद से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। दो की मृत्यु हुई है। एक को बचाया गया है। - अतुल शर्मा, डीसीपी पश्चिमी जोन




 
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