अग्निपथ योजना के विरोध में उग्र प्रदर्शन को देखते हुए आगरा जोन में पुलिस का अलर्ट किया गया है। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर पुलिस लगाई गई है। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 150 गांव में पुलिस ने शनिवार को चौपाल की। युवाओं और अभिभावकों को योजना के बारे में जानकारी दी। एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि अराजकतत्वों की पहचान की जा रही है। इसके लिए वीडियो और फोटो का सहारा लिया जा रहा है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बवाल के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई कानून के मुताबिक अराजकतत्वों की संपत्ति से होगी।
अग्निपथ योजना के विरोध में आगरा में बृहस्पतिवार से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। एमजी रोड के भारतीय स्टेट बैंक तिराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया था। किरावली क्षेत्र में महुअर के पास स्थित लेदर पार्क मैदान में जुटकर अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की गई थी। बसई अरेला में बाह-आगरा रोड पर रोडवेज बस पर पथराव किया था। शुक्रवार को आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद और अलीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किए गए थे। अलीगढ़ में आगजनी तक हुई थी।
विज्ञापन
2 of 6
अलीगढ़ में फूंक दी थी भाजपा नेता की कार
- फोटो : अमर उजाला
इन घटनाओं को देखते हुए एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने पूरे जोन में अलर्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा संवेदनशील अलीगढ़ का टप्पल, खैर, मथुरा के मांट, कोसी, नौहझील, बलदेव, हाथरस का सादाबाद और आगरा के अकोला, कागारौल और मलपुरा हैं। इन क्षेत्रों में जाकर पुलिस लोगों से संवाद स्थापित कर रही है।
विज्ञापन
3 of 6
अफसरों ने पुलिस फोर्स के साथ किया पैदल मार्च
- फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और हाईवे पर पुलिस लगाई गई है। शनिवार को एक दिन में तकरीबन 150 गांव में चौपाल लगाई गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से कहा कि अराजकतत्वों के बहकावे में आकर कानून अपने हाथ में नहीं लें। किसी तरह के बवाल में शामिल होने पर पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी। एक बार मुकदमे में नाम आने पर भविष्य खराब हो जाएगा।
4 of 6
आगरा के अकोला में पैदल मार्च करती पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पुलिस ने युवाओं के साथ अभिभावकों को भी अग्निपथ योजना की जानकारी दी है। समझाया जा रहा है कि अगर, विरोध दर्ज कराना है तो शांति से पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पास आएं। संवैधानिक रूप से अपनी बात रखें। उनकी बात को सुना जाएगा। पुलिस की चौपाल का असर हुआ कि जोन में शनिवार को कहीं उग्र प्रदर्शन नहीं हुआ।
विज्ञापन
5 of 6
आगरा जोन के एडीजी राजीव कृष्ण
- फोटो : अमर उजाला
भड़काऊ मैसेज पर एडमिन भी होंगे जिम्मेदार
एडीजी जोन ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक की लगातार निगरानी की जा रही है। इन पर भड़काऊ मैसेज और पोस्ट डालने वाले को चिह्नित किया जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज आने पर ग्रुप एडमिन भी जिम्मेदार माने जाएंगे। पुलिस ने कई एडमिन को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है। भड़काऊ मैसेज में भूमिका सामने आने पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
शुक्रवार को आगरा, मथुरा और अलीगढ़ में बवाल हुआ था। इस पर अलीगढ़ में चार, फिरोजाबाद में एक, मथुरा में दो और आगरा में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मथुरा में सबसे ज्यादा 72, अलीगढ़ में 32, आगरा में 15 और फिरोजाबाद में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।