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'छपाक' देख छलकीं आगरा की 'मालती' की आंखें, बोलीं- दुनिया को देखने दें हमारे दर्द की दास्तां

Sat, 11 Jan 2020 09:47 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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एसिड अटैक पीड़िताएं - फोटो : अमर उजाला
आज हमने अपनी ही जिंदगी को बड़े पर्दे पर देखा। यह हमारी ही कहानी है। हमारी ही जिंदगी का दर्द भी। आगरा की आठ एसिड अटैक पीड़िताओं ने यह बात फिल्म छपाक देखने के बाद कही। उन्होंने फिल्म का विरोध कर रहे लोगों से अपील भी की कि इसे सबको देखने दें। शुक्रवार को पुलिस पहरे के बीच फिल्म 'छपाक' आगरा के सिनेमाघरों में हुई।  
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एसिड अटैक पीड़िताएं - फोटो : अमर उजाला
एसिड अटैक पीड़िताएं शुक्रवार को अपनी रियल लाइफ को रील में देखने कॉसमॉस मॉल पहुंचीं तो महिला शांति सेना ने उनका गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया गया। स्वागत से अभिभूत इन युवतियों के चेहरे पर मुस्कान थी। लगभग एक घंटे तक चले स्वागत कार्यक्रम के बाद उंगलियों से विजय चिह्न बनाते हुए इन युवतियों ने सिनेमाहाल में प्रवेश किया। 
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'छपाक' के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण
फिल्म देखने के बाद इन्होंने फिल्म की नायिका और एसिड अटैक पीड़िता मालती का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के अभिनय की सराहना की। कहा कि इस फिल्म और अपने स्वागत से उनका हौसला और बढ़ा है। फिल्म शुरू होने से पहले काफी देर तक कॉसमॉस मॉल में गहमागहमी का माहौल रहा। विरोध की आशंका को देखते हुए सुबह से ही मॉल पर पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। 

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एसिड अटैक पीड़िता को झुमका पहनाती युवती - फोटो : अमर उजाला
फिल्म छपाक के एक भावपूर्ण दृश्य में एसिड अटैक से टूटी नायिका उपहार में मिले झुमके देखकर कहती है कि अब वो इन्हें नहीं पहन पाएगी। क्योंकि हमले में उसके कान भी झुलस गए थे। यही झुमके वो इलाज के बाद पहन पाती है। यह प्रतीक था कि उसमें जिंदगी जीने का जज्बा लौट आया है। महिला शांति सेना की ओर से एसिड अटैक पीड़िताओं को इसलिए स्वागत के साथ उपहार में झुमके दिए गए। 
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एसिड अटैक पीड़ित मधु - फोटो : अमर उजाला
एसिड अटैक सरवाइवर्स की आवाज है ‘छपाक’: मधु 
सन 2017 में एसिड अटैक का शिकार हुईं मधु फिल्म देखने के बाद अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उनका कहना था कि पूरी दुनिया को इस फिल्म देखनी चाहिए। यह फिल्म एसिड अटैक सरवाइवर्स की आवाज है। इस आवाज को दबने नहीं दिया जाए। यहां आकर काफी अच्छा लगा। साथ ही काफी समय बाद इस बात का एहसास हुआ कि समाज हमारे बारे में भी सोचता है। 
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एसिड अटैक पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
हमारे जख्मों पर मरहम है यह फिल्म: खुशबू 
तीन साल पहले एसिड अटैक का शिकार हुईं खुशबु ने कहा कि फिल्म छपाक हमारे जख्मों पर मरहम की कहानी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे लगता है कि हमारे दर्द को दुनिया के सामने लाने के लिए किसी ने सोचा। खुशबू का कहना है कि पिता के तेजाबी हमले के बाद दुनिया काफी बुरी लगने लगी थी। आज लग रहा है कि समाज ने हमारे दर्द को समझा। हमें गले से लगाया। 
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एसिड अटैक पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
दुनिया को देखने दो हमारे दर्द दी दास्तां: रुकैय्या
वर्ष 2003 में एसिड अटैक का शिकार हुईं रुकैय्या का कहना है कि दुनिया को हमारे दर्द की दास्तां देखने दें। मुझे लगता है कि फिल्म को लेकर शुरू हुई राजनीति कहीं हमारी आवाज को कमजोर नहीं कर दे। रुकैया के चेहरे पर उनकी बहन के देवर ने चेहरे पर एसिड फेंका था। उनका कहना है कि अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने मालती को जो किरदार निभाया है, वह ऐतिहासिक है।  
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