मथुरा में कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर स्वस्थ रहने के संकल्प के साथ लोगों ने संयम बरता और जिले की 28 लाख की आबादी घरों में ही रही। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने रविवार को जनता कर्फ्यू को 14 घंटे घरों में रहकर सफल बनाया। जनता कर्फ्यू जिले में एतिहासिक रहा। सुबह सात बजे से पहले लोग दूध लेने जरूर निकले, लेकिन बाद में घरों में ही रहे और टीवी पर देशभर की खबरों से अपडेट होते रहे। जिन बाजारों में सामान्य दिनों में सुबह से ही भीड़ लग जाती थी वहां सड़कें पूरे दिन सूनी रहीं।
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मथुरा में दवा का छिड़काव करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के कहर से पूरी दुनिया में हलचल है। देश में यह महामारी न फैले इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 22 मार्च को 14 घंटे घरों में ही रहने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री के इस आह्वान को कान्हा की नगरी के लोगों ने जनता कर्फ्यू के तहत पूरी तरह सफल बनाया। इससे स्वास्थ्य के प्रति लोगों की जागरूकता और एकजुटता सामने आई। शनिवार की देर रात तक बाजार खुले और लोगों ने खाद्य पदार्थों के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदीं।
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बस स्टैंड पर एक परिवार
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की सुबह सात बजे से पहले दैनिक उपयोग के सामान की कुछ दुकानें खुलीं जिनपर लोगों ने खरीदारी भी की। दूध की दुकानें 11 बजे तक खुली रहीं। कुछ मेडिकल स्टोर पूरे दिन खुले रहे। शहर के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, होलीगेट, डीग गेट, चौक बाजार, भरतपुर गेट, बिड़ला मंदिर, कोतवाली रोड, आगरा रोड, कृष्णापुरी, कृष्णानगर, मसानी, सौंख रोड, जयसिंहपुरा, मथुरा-वृंदावन रोड, छत्ता बाजार, कलक्ट्रेट आदि क्षेत्रों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
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यमुना घाट
- फोटो : अमर उजाला
सामान्य दिनों में इन स्थानों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ रहती थी। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मित्र ने कहा कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पीड़ितों के संबंध में लोग सूचनाएं देने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच कर रही हैं। जिले में कोरोना वायरस को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
मथुरा बस स्टैंड पर नेपाली नागरिक
- फोटो : अमर उजाला
जिले में ऐसा पहली बार हुआ कि पुलिस की बिना सख्ती के कर्फ्यू के दौरान लोग घरों में रहे हों। प्रधानमंत्री के आह्वान को सफल बनाने के लिए लोगों ने एकजुटता दिखाई और घरों से बाहर नहीं निकले। जिले में पुलिस गश्त करती रही, लेकिन डंडा चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। अति आवश्यक कार्य से ही लोग घरों से बाहर निकले, जिनमें दवाई अथवा दूध लेने जाने वालों की संख्या अधिक थी। सड़कों पर बाइक लेकर निकले कुछ युवकों को पुलिस ने जरूर टोका, लेकिन जानकारी करने के बाद जाने दिया।