आगरा में प्रो पूअर टूरिज्म के नाम पर शाहजहां पार्क में विश्व बैंक से कर्ज लेकर 18 करोड़ रुपये की लागत से वॉक वे यानी पाथ वे बनाया जा रहा है, लेकिन यह पूरा पैसा और काम मिट्टी में मिलने वाला है। मेट्रो प्रोजेक्ट में शाहजहां पार्क में 6698 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण होना है, जिसमें ताजमहल नाम पर शाहजहां पार्क के अंदर स्टेशन बनाया जाएगा। इसकी खोदाई और भारी मशीनों के इस्तेमाल के दौरान पार्क में किए गए वॉक वे के काम मिट्टी में मिल जाएंगे।
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4.54 करोड़ रुपये मुआवजा देगा मेट्रो रेल कारपोरेशन
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ताजमहल के शाहजहां पार्क
- फोटो : अमर उजाला
तीन साल पहले ही शहर में अधिकारियों को मेट्रो रेल की डीपीआर पेश कर दी गई थी, लेकिन शाहजहां पार्क में विश्व बैंक से कर्ज लेकर 18 करोड़ रुपये की लागत से पाथवे, लाइटिंग और शेड का काम कराया गया है। पर्यटन संगठनों ने शाहजहां पार्क में पाथ वे बनाने की योजना का विरोध किया था, क्योंकि यहां महज छह साल पहले ही वॉक वे बनाया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
वॉक वे के नाम से कर्ज लेकर अफसरों ने पार्क के सुंदरीकरण की योजना बना दी, पर मेट्रो के काम के लिए इसी पार्क की 6698 वर्ग मीटर जमीन पर अधिग्रहण होना है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के मुख्य परियोजना प्रबंधक-2 ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक को शाहजहां पार्क की जमीन के अधिग्रहण के लिए कहा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि मेट्रो स्टेशन के लिए पार्क की जमीन चाहिए।
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ताजमहल स्थित शाहजहाँ गार्डन
- फोटो : अमर उजाला
डिप्टी रजिस्ट्रार तृतीय ने सर्किल रेट के आधार पर जमीन की कीमत 4.54 करोड़ रुपये आंकी है। इसके अलावा जो पेड़ लगे हैं, उनका मूल्यांकन भी क्षेत्रीय वन अधिकारी आगरा सिटी रेंज कर चुके हैँ। इस जमीन पर 97926 रुपये पेड़ों की कीमत आंकी गई है। पेड़ों समेत जमीन अधिग्रहण के लिए मेट्रो रेल कारपोरेशन ने 4.55 करोड़ रुपये के मूल्यांकन की जानकारी निदेशक उद्यान को दी है। इसके अलावा 16,500 वर्ग मीटर जमीन अस्थायी रूप से पार्क में चाहिए होगी।
पर्यावरणविद डॉ शरद गुप्ता ने बताया कि जब मेट्रो का काम शाहजहां पार्क में होना ही है तो 18 करोड़ रुपये क्यों बर्बाद किए जा रहे हैं। जैसे ही पार्क का सुंदरीकरण का काम खत्म होगा, मेट्रो के लिए खोदाई शुरू हो जाएगी। यह जनता के धन की बर्बादी है।