फिल्म पुष्पा में जिस तरह लाल चंदन की लकड़ी की तस्करी के तरीके दिखाए गए, उसी तर्ज पर चरस तस्करी का मामला सामने आया। कार में चरस ऐसी जगह पर छुपाई गई थी, जिसे तलाशने में पुलिस के भी पसीने छूट गए।
दक्षिण भारतीय फिल्म पुष्पा में दिखाए गए चंदन की तस्करी के तरीके को अपनाकर आरोपियों ने हिमाचल प्रदेश से चरस की तस्करी शुरू कर दी। कार की पिछली सीट के दोनों तरफ के प्लास्टिक फ्रेम में चरस के एक-दो नहीं, बल्कि 19 पैकेट भर दिए। फिरोजाबाद में सप्लाई करने से पहले बृहस्पतिवार रात थाना कमला नगर क्षेत्र में हाईवे पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और पुलिस ने घेराबंदी कर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू निवासी धर्मवीर राणा और पंजाब के संगरूर निवासी बलवीर सिंह को पकड़ लिया। उनके कब्जे से 10 किलो चरस बरामद हुई।
एएनटीएफ के सीओ उमेश पंवार ने बताया कि काफी समय से सूचना मिल रही थी कि हिमाचल और पंजाब के तस्कर आगरा के रास्ते नशीले पदार्थ की तस्करी कर रहे हैं। इस सूचना पर टीम को लगाया गया। बृहस्पतिवार रात को सूचना के आधार पर घेराबंदी की गई।
विज्ञापन
2 of 5
पुलिस गिरफ्त में आऱोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कमला नगर क्षेत्र में हाईवे पर एक कार को रोका गया। पहले तो चालक पकड़ने का कारण पूछने लगा। कार की तलाशी में भी कुछ नहीं निकला। बाद में शक होने पर कार को थाने ले जाया गया। आरोपी धर्मवीर राणा से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया।
विज्ञापन
3 of 5
कार में रखी चरस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार की पिछली सीट के दोनों तरफ हाथ रखने वाली जगह के अंदर पैकेट में चरस को छिपाया गया था। पुलिस ने आरोपी से ही प्लास्टिक फ्रेम को हटवाया। फ्रेम को पेचकस से खोला गया तो चरस के 19 पैकेट निकले। इनका वजन 10 किलो था। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कमला नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई। शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार बरामद चरस की कीमत 1.25 करोड़ रुपये है।
4 of 5
कार से मिली चरस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज चुकाने के लिए फिर करने लगे तस्करी
एएनटीएफ के सीओ ने बताया कि धर्मवीर राणा और बलवीर सिंह से गिरोह के संबंध में पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि दोनों 10 साल से नशीले पदार्थ की तस्करी करते आ रहे हैं। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस पर 7 वर्ष तक जेल में रहना पड़ा। जेल से छूटने के बाद काम नहीं मिला। कर्ज अधिक हो गया तो फिर से नशे की तस्करी करने लगे।
हर चक्कर पर मिलते 20 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के तार पंजाब और हिमाचल प्रदेश से जुड़े हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में एक व्यक्ति चरस बेचने का काम करता है। उसके पास अलग-अलग इलाकों से ऑर्डर आते हैं। वहीं दोनों को चरस की तस्करी का काम देता है। आरोपियों को हर चक्कर पर 20 हजार रुपये तक मिलते थे। धर्मवीर कुल्लू के सरगना के संपर्क में है। उसके साथ ही बलवीर भी जेल जा चुका है। वहीं दोनों की जान-पहचान हो गई। आरोपियों ने बताया कि वह चरस को फिरोजाबाद में गोपाल उर्फ इंद्र के पास पहुंचाने जा रहे थे। पुलिस फिरोजाबाद के आरोपी की तलाश में जुट गई है।