फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्यों चुना गया रविवार को साप्ताहिक अवकाश का दिन? जानें भारत में कैसे लागू हुआ संडे को छुट्टी का नियम

Thu, 26 Feb 2026 05:05 PM IST
श्रुति गौड़ यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Why Weekly Holiday Always on Sunday: आखिर रविवार को ही हमेशा छुट्टी क्यों होती है? ये सवाल आपके मन में भी कभी न कभी आया होगा। यहां हम आपको इसकी वजह बताएंगे।
विज्ञापन
1 of 6
रविवार को छुट्टी क्यों होती है? - फोटो : अमर उजाला
Sunday Ko Hi Kyon Leave Hoti hai: स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों तक, हर किसी को पूरे हफ्ते रविवार का बेसब्री से इंतजार रहता है। ये वो दिन होता है जब अलार्म बंद रहता है, भागदौड़ से राहत मिलती है और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलता है। 

हफ्ते भर की व्यस्त दिनचर्या के बाद रविवार सुकून, आराम और मनोरंजन का दिन माना जाता है। कई लोग इस दिन घूमने-फिरने की योजना बनाते हैं, तो कुछ घर पर आराम करना पसंद करते हैं। 

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर रविवार को ही छुट्टी क्यों होती है? क्यों नहीं कोई और दिन साप्ताहिक अवकाश के लिए तय किया गया? यह परंपरा कब और कैसे शुरू हुई, और क्या इसके पीछे कोई ऐतिहासिक या धार्मिक कारण है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प कहानी।

 
विज्ञापन

2 of 6
रविवार को छुट्टी क्यों होती है? - फोटो : Adobe Stock
कब शुरू हुई पंरपरा

रविवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित करने की परंपरा का संबंध इतिहास और धर्म दोनों से जुड़ा हुआ है। इसकी शुरुआत प्राचीन रोमन साम्राज्य से मानी जाती है। वर्ष 321 ईस्वी में रोमन सम्राट कोन्स्टान्टिन प्रथम ने आदेश जारी किया कि रविवार को सरकारी अवकाश रहेगा। उस समय रोमन साम्राज्य में ईसाई धर्म का प्रभाव बढ़ रहा था और ईसाई धर्म में रविवार को प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का पवित्र दिन माना जाता है। इसलिए इस दिन को आराम और प्रार्थना के लिए चुना गया।

 
विज्ञापन

3 of 6
रविवार को छुट्टी क्यों होती है? - फोटो : freepik
धीरे-धीरे यह परंपरा यूरोप के अन्य देशों में भी फैल गई। औद्योगिक क्रांति के दौरान काम के घंटे बहुत लंबे होते थे और मजदूरों को हफ्ते में सातों दिन काम करना पड़ता था। बाद में श्रमिक आंदोलनों के दबाव में साप्ताहिक अवकाश की मांग उठी और रविवार को छुट्टी का दिन माना जाने लगा।

 

4 of 6
रविवार को छुट्टी क्यों होती है? - फोटो : Adobe Stock
भारत में कब से हुई शुरुआत

भारत में रविवार की छुट्टी की शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान हुई। ब्रिटिशकाल में अंग्रेज अधिकारी अपने धार्मिक और प्रशासनिक कारणों से रविवार को अवकाश रखते थे। माना जाता है कि 1843 के ब्रिटिश गवर्नर जनरल लार्ड हार्डिज ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत रविवार को आधिकारिक अवकाश के रूप में लागू किया। इसके बाद सरकारी दफ्तरों में रविवार का अवकाश मिलना शुरू हो गया था।

 
विज्ञापन

5 of 6
रविवार को छुट्टी क्यों होती है? - फोटो : Adobe stock
इस आंदोलन से सभी को मिला अवकाश

 ब्रिटिश राज में भारतीय मजदूर बिना छुट्टी के 12-12 घंटों से भी ज्यादा समय तक काम करते थे। इसी के चलते 19वीं सदी में मजदूर नेता नारायण मेघाजी लोखंडे ने भी सप्ताह में एक दिन की छुट्टी की मांग उठाई थी, जिसके बाद धीरे-धीरे यह व्यवस्था मजबूत हुई। समय के साथ यह नियम सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और निजी संस्थानों में भी लागू हो गया। उनके कड़े प्रयास से भारत में पहली बार रविवार की छुट्टी 10 जून 1890 में मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
रविवार को छुट्टी क्यों होती है? - फोटो : Adobe stock
हालांकि कुछ देशों और क्षेत्रों में शुक्रवार या शनिवार को साप्ताहिक अवकाश होता है, लेकिन भारत समेत कई देशों में रविवार ही पारंपरिक छुट्टी का दिन बना हुआ है। इस तरह रविवार की छुट्टी सिर्फ आराम का दिन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और सामाजिक बदलाव का परिणाम है। 

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें