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Nominee: बैंक खाते और एफडी में नॉमिनी का नाम दर्ज न होने पर परिवार को क्या दिक्कतें आती हैं? जानें नियम

Fri, 17 Jul 2026 04:36 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fixed Deposit Legacy Laws: अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते हैं कि जिसमें खाताधारक बैंख अकाउंट या अन्य जगहों (पीएफ, एफडी, आदि) पर नॉमिनी का नाम नहीं भरते हैं, ऐसे में खाताधारक के मौत के बाद परिवार वालों को अपना ही पैसा पाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
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बैंक खाता नॉमिनी नियम - फोटो : AI
Bank Account Nominee Rules: अक्सर लोग अपनी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंक खाते या फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसे जमा करते हैं। मगर कई बार ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जहां लोग अपने खाते में नॉमिनी का नाम ही नहीं दर्ज करते हैं।

बहुत से लोग सोचते हैं कि नॉमिनी बनाना बहुत जरूरी नहीं है, मगर किन्हीं कारणों से खाताधारक के मौत के बाद बैंक में जमा आपका पैसा आपके ही अपनों को पाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि नॉमिनी का नाम न होने पर आपके परिवार को बैंक से पैसा निकालने में क्या-क्या कानूनी दिक्कतें आ सकती हैं।
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पैसे पाने के लिए काटने पड़ते हैं कोर्ट के चक्कर - फोटो : अमर उजाला
पैसे पाने के लिए काटने पड़ते हैं कोर्ट के चक्कर
अगर बैंक खाते या एफडी में नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं है, तो खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक सीधे तौर पर परिवार को पैसा नहीं सौंपता। ऐसी स्थिति में कानूनी वारिसों को अपनी सत्यता साबित करने के लिए कोर्ट से 'सक्सेशन सर्टिफिकेट' या 'लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन' बनवाना पड़ता है। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया में वकीलों की फीस और महीनों का समय बर्बाद होता है।
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परिवार के सभी सदस्यों से चाहिए होता है नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट - फोटो : Adobe Stock
परिवार के सभी सदस्यों से चाहिए होता है नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट
बिना नॉमिनी वाले खाते से पैसा निकालने के लिए बैंक परिवार के सभी जीवित कानूनी वारिसों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मांगता है। इसका मतलब है कि परिवार के हर सदस्य को लिखकर देना होगा कि उन्हें वह पैसा मिलने से कोई आपत्ति नहीं है। अगर परिवार में आपसी मनमुटाव या संपत्ति का विवाद चल रहा हो, तो यह एनओसी मिलना काफी कठिन काम हो जाता है।

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इमरजेंसी के समय नहीं मिल पाता है अपना ही पैसा - फोटो : AdobeStock
इमरजेंसी के समय नहीं मिल पाता है अपना ही पैसा
अक्सर इंसान अपनी बीमारी या किसी बड़े संकट के समय के लिए एफडी करवाता है। अगर नॉमिनी न होने की स्थिति में, खाताधारक की मौत के बाद जब परिवार को इलाज या घर चलाने के लिए तुरंत पैसों की सख्त जरूरत होती है, तब कागजी कार्रवाई और बैंक के कड़े नियमों के कारण वह पैसा महीनों तक फंसा रहता है और समय पर काम नहीं आता।
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बचाव के लिए आम इंसान तुरंत करें ये छोटा सा काम - फोटो : Adobe Stock
बचाव के लिए आम इंसान तुरंत करें ये छोटा सा काम
इस बड़ी मुसीबत से अपने परिवार को बचाने का सबसे आसान तरीका है कि आप आज ही अपने बैंक की शाखा में जाएं या नेट बैंकिंग के जरिए अपने सभी खातों और एफडी में नॉमिनी का नाम ऑनलाइन दर्ज करवाएं। इसके लिए आपको सिर्फ नॉमिनी का नाम, उम्र और आपके साथ उनका रिश्ता बताना होगा। यह छोटा सा कदम आपके बाद आपके परिवार का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित कर देगा।
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