Will Gold Price Increase: बीते कुछ वर्षों में सोना सिर्फ एक कीमती धातु नहीं रहा है बल्कि यह ग्लोबल पॉलिटिक्स, वॉर और इकोनॉमिक अनसर्टेनिटी का सबसे भरोसेमंद पैमाना बनकर उभरा है। निवेशकों से लेकर दुनियाभर के सेंट्रल बैंक हर कोई सोने को सेफ हेवन के रूप में आज के सयम देख रहे हैं। भारत इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहां 2020 में हमारा गोल्ड रिजर्व 661 टन था। वह 2025 में बढ़कर 879 टन हो गया। सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के कई देश अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों के ट्रेन्ड को देखें तो गोल्ड ने काफी ज्यादा रिटर्न दिया है।
इसने इसे शेयर बाजार और अन्य एसेट क्लास से अलग खड़ा कर दिया है। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा हो क्यों रहा है? दुनिया में जब भी युद्ध और अस्थिरता का माहौल बनता है तो सोने की कीमतें रिकॉर्ड तेजी से क्यों बढ़ने लगती हैं? क्या यह केवल एक पारंपरिक सोच है या इसके पीछे कोई गहरी ऐतिहासिक और राजनीतिक वजह है? क्या आने वाले समय में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी या ये तेजी सिर्फ अस्थायी है? आइए जानते हैं इन सब के बारे में विस्तार से -