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Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय 'वेटिंग पीरियड' क्या होता है? यहां समझें इससे जुड़े सारे दांव-पेंच

Thu, 25 Jun 2026 06:03 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pre-Existing Disease Coverage: आज के समय हेल्थ इश्योंरेस को लेकर लोगों में काफी जागरूकता बढ़ी है। ऐसे में जो भी हेल्थ इश्योरेंस लेता है उसे वेटिंग पीरियड के नियमों के बारे में अच्छे से मालूम होना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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हेल्थ इंश्योरेंस वेटिंग पीरियड - फोटो : AI
Health Insurance Waiting Period: किसी भी तरह का हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) लेने से पहले आपको वेटिंग पीरियड से जुड़े नियमों को जरूर जान लेना चाहिए। हेल्थ इंश्योरेंस की कोई भी पर्सनल पॉलिसी खरीदते समय 'वेटिंग पीरियड' को समझना सबसे जरूरी होता है। वेटिंग पीरियड को सरल शब्दों में कहें तो यह वह शुरुआती समय होता है, जिसके दौरान इंश्योरेंस कंपनी आपको कुछ खास बीमारियों या समस्याओं के इलाज का खर्च नहीं देती है। 

पॉलिसी लेने के तुरंत बाद कंपनियां क्लेम इसलिए नहीं देतीं ताकि लोग बीमारी का पता चलने के बाद तुरंत पॉलिसी लेकर फायदा न उठा सकें। इससे इंश्योरेंस व्यवस्था निष्पक्ष बनी रहती है। आइए इस लेख में जानते हैं कि यह वेटिंग पीरियड कितने प्रकार का होता है और इसके नियम क्या हैं। बता दें हर पॉलिसी की नियम और शर्तें अलग हो सकती हैं, इसलिए इसमें हम जो भी बताने जा रहे हैं सामान्यतौर पर अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस में होता है।
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शुरुआती 30 दिनों का वेटिंग पीरियड - फोटो : Adobe stock
शुरुआती 30 दिनों का वेटिंग पीरियड
  • आमतौर पर पॉलिसी खरीदने के पहले 30 दिनों तक किसी भी सामान्य बीमारी (जैसे मलेरिया, टाइफाइड या पथरी) के इलाज का खर्च नहीं मिलता है। 
  • हालांकि, अगर इस दौरान कोई दुर्घटना या एक्सीडेंट हो जाता है, तो पहले दिन से ही अस्पताल का पूरा खर्च कंपनी उठाती है।
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पुरानी बीमारियों के लिए समय - फोटो : अमर उजाला प्रिन्ट/एजेंसी
पुरानी बीमारियों के लिए समय
  • अगर पॉलिसी लेते समय आपको पहले से कोई बीमारी है (जैसे बीपी, शुगर, अस्थमा या दिल की बीमारी), तो इसके लिए आमतौर पर 2 से 4 साल का वेटिंग पीरियड होता है।
  • इस तय समय के पूरा होने के बाद ही कंपनी उस बीमारी का खर्च देती है।
 

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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
खास बीमारियों के लिए 2 साल का नियम
  • कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जो धीरे-धीरे पनपती हैं, जैसे मोतियाबिंद, हर्निया, या जोड़ों का रिप्लेसमेंट। 
  • अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां इन बीमारियों के लिए पहले से ही 2 साल का एक फिक्स वेटिंग पीरियड रखती हैं, चाहे यह बीमारी आपको पहले से हो या न हो।
 
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मैटरनिटी और न्यू-बॉर्न बेबी कवर - फोटो : Adobe Stock
मैटरनिटी और न्यू-बॉर्न बेबी कवर
  • अगर आप अपनी पॉलिसी में डिलीवरी या नवजात शिशु के इलाज का खर्च जोड़ना चाहते हैं, तो इसके लिए कंपनियों का वेटिंग पीरियड 1 से 4 साल तक का हो सकता है।
  • इसलिए कभी भी पॉलिसी लेने से पहले इंश्योरेंस कंपनी वालों से वेटिंग पीरियड से जुड़े सभी नियमों पर अच्छे से समझ लेनी चाहिए।
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