राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल्स मिशन
- फोटो : Adobe Stock
क्रिटिकल मिनरल्स का महत्व और वैश्विक परिदृश्य
क्रिटिकल मिनरल्स, जैसे कि लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, और रेयर अर्थ एलिमेंट्स, आधुनिक प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर, स्मार्टफोन, सोलर पैनल, पवन टर्बाइन और रक्षा उपकरणों में किया जाता है।
वर्तमान में इन खनिजों की आपूर्ति पर कुछ ही देशों का एकाधिकार है, जिससे भारत सहित कई देश अपनी तकनीकी और ऊर्जा जरूरतों के लिए उन पर निर्भर हैं। इस निर्भरता को कम करने के लिए भारत ने अब इन खनिजों के घरेलू अन्वेषण, खनन और प्रसंस्करण पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है।