देश की सांस्कृतिक विरासत में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। धातु के औजार बनाने हो, मिट्टी के बर्तन का निर्माण करना हो या हस्तनिर्मित वस्त्र हों इन सब में विश्वकर्मा समुदाय के लोगों का अभूतपूर्व योगदान है। हालांकि, आज के इस डिजिटल युग में जब तकनीक का तेजी से विकास हो रहा और मशीनों की उपयोगिता बढ़ती जा रही है ऐसे में पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार बाजार की प्रतिस्पर्धा में काफी पीछे रह गए हैं। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार पीएम विश्वकर्मा योजना का संचालन कर रही है।
इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर, 2023 को विश्वकर्मा जयंती के शुभ अवसर पर किया था। इस योजना के अंतर्गत सरकार पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। इसमें कारीगरों और शिल्पकारों को कैसे अपने हुनर और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके बाजार की प्रतिस्पर्धा की दौड़ में आगे बना रहा जा सकता है। इन सब के बारे में सिखाया जा रहा है।