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Explained: किसे देना होगा दो हजार रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर चार्ज? UPI से जुड़ी हर कंफ्यूजन को करें दूर

Fri, 31 Mar 2023 12:35 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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RBI launches New UPI system UPI123pay - फोटो : Istock
यूपीआई आने के बाद देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति आई है। यूपीआई ने एक ऐसे लोकतांत्रिक परिवेश का निर्माण किया है, जहां बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ छोटे दुकानदार भी इसकी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। एक समय था जब देश की बड़ी आबादी, जो एटीएम से कैश निकालने के बाद संतुष्टि के लिए कई बार कैंसिल बटन पर प्रेस करती थी। उनको डिजिटल इकोसिस्टम में लाना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। यूपीआई ने इस काम को बखूबी निभाया है। आज के समय भारत में रिकॉर्ड डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। नंदन नीलेकणि के मुताबिक देश की 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी आज के समय यूपीआई का इस्तेमाल कर रही है।

एनपीसीआई द्वारा संचालित यूपीआई में समय सयम पर कई बदलाव होते रहते हैं। इसी कड़ी में एनपीसीआई ने नया फैसला लिया है। इसके अंतर्गत 1 अप्रैल से 2 हजार रुपये से ज्यादा प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (वॉलेट और कार्ड) से किए गए मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 1.1 प्रतिशत का इंटरचेंज चार्ज लगेगा। 
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NPCI Real Time Payment Dispute Resolution - फोटो : Istock

मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा चार्ज

इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच ये बात फैलने लगी कि 2 हजार रुपये से ज्यादा की पेंमेंट पर चार्ज लगेगा। ऐसे में इस भ्रम पर पट्टी डालते हुए एनपीसीआई ने सर्कुलर जारी करते हुए बताया कि यह चार्ज मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर है। इस पर आम लोगों से किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं वसूला जाएगा। यूपीआई की गवर्निंग बॉडी एनपीसीआई ने बताया है कि इंचरचेंज चार्ज पीपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। यहां कस्टमर को कोई चार्ज नहीं देना है। 
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mobile new - फोटो : istock

प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानी पीपीआई क्या है?

पीपीआई से तात्पर्य प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट से है। यह एक डिजिटल पेमेंट मेथड का प्रकार है। इसमें यूजर्स वर्चुअल वॉलेट, गिफ्ट कार्ड, प्रीपेड क्रेडिट कार्ड आदि से खरीदारी करते हैं। पेटीएम वॉलेट, फोन पे वॉलेट, अमेजन पे वॉलेट ये सभी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानी पीपीआई के अंतर्गत आते हैं। पीपीआई मर्चेंट बेस्ड ट्रांजैक्शन होते हैं। इन्हें नॉन बैंकिंग संस्थाओं द्वारा जारी किया जाता है।

इन डिजिटल वॉलेट में व्यक्ति पहले से ही कार्ड या किसी दूसरे पेमेंट मेथड के जरिए पैसे एड कर लेता है। खरीदारी या किसी जगह पेमेंट करने पर डिजिटल वॉलेट से भुगतान करने पर ज्यादा सहूलियत मिलती है। यहां हमें किसी प्रकार के कोड को दर्ज करने की जरूरत नहीं होती है। इस कारण पेमेंट काफी आसानी से हो जाती है। 

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mobile girl new - फोटो : istock

ऐसे वसूला जाएगा चार्ज

एनपीसीआई के फैसले के बाद वॉलेट कंपनियों को 1.1 प्रतिशत का इंटरचेंज फीस का भुगतान करना है, जब भी वॉलेट से 2 हजार रुपये से ऊपर की ट्रांजैक्शन होगी। यहां कस्टमर को एक रुपये का भी भुगतान नहीं करना होगा।

एनपीसीआई का यह फैसला आपको प्रभावित नहीं करेगा। यह इंटरचेंज फीस वॉलेट पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जुड़ी है। कार्ड से पेमेंट करने पर जिस तरह मर्चेंट के बीच चार्ज कटता है। ठीक उसी तरह यूपीआई के जरिए मर्चेंट ट्रांजैक्शन करने पर इंटरचेंज चार्ज कटेगा।

UPI: क्या अप्रैल से यूपीआई भुगतान होगा महंगा; एनपीसीआई ने साफ की स्थिति, जानें हर सवाल का जवाब
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क्या यूपीआई से बैंक में पैसे भेजने पर भी देना होगा चार्ज

अगर आप यूपीआई के जरिए बैंक टू बैंक ट्रांजैक्शन करते हैं। ऐसे में आपसे किसी भी प्रकार की फीस नहीं वसूली जाएगी। एनपीसीआई के मुताबिक यूपीआई के जरिए बैंक से लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। 
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क्या आने वाले समय में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज 

डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में क्रांति और ई-कॉर्मस कंपनियों को गति देने में यूपीआई ने एक बड़ी भूमिका निभाई है। आज के समय भारत में ई-कॉमर्स इंडस्ट्री ने नई जॉब्स क्रिएट की हैं। आने वाले सयम में भी रोजगार के नए विकल्प इस सेक्टर में खुलेंगे।

अगर सरकार आने वाले समय में यूपीआई से होने वाली ट्रांजैक्शन पर किसी प्रकार का चार्ज लगाती है। ऐसे में बड़ी संभावना है कि लोग यूपीआई का इस्तेमाल करना धीरे धीरे कम कर दें, जिसका बुरा प्रभाव ई-कॉमर्स इंडस्ट्री पर पड़ेगा। इससे कई लोगों के रोजगार पर संकट आ सकता है। ऐसे में बड़ी संभावना है कि आने वाले समय में भारत सरकार यूपीआई पर किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं वसूलेगी। आज के समय सरकार यूपीआई का संचालन और उसके डाटाबेस को मेंटेन रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। 
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